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Delhi Election: इस सीट पर पूर्वांचली और उत्तराखंड के वोटरों के हाथ में जीत की चाबी, यहां 'हाथ' हमेशा रहा खाली
Tue, 31 Dec 2024 08:26 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 31 Dec 2024 08:26 AM IST
सार
दिल्ली की इस सीट पर पूर्वांचली और उत्तराखंड के वोटरों के हाथ में जीत की चाबी रहती है। इस सीट पर भाजपा को सिर्फ एक बार हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस को अब तक कामयाबी नहीं मिली है।
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Delhi Election
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर-पूर्वी लोकसभा सीट के तहत आने वाली करावल नगर विधानसभा सीट पर पूर्वांचली और उत्तराखंडी मतदाता हमेशा निर्णायक भूमिका में रहे हैं। इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है। 1993 से अब तक हुए सात विधानसभा चुनाव में यहां छह बार भाजपा और एक बार आम आदमी पार्टी चुनाव जीती है।
सबसे पहले इस सीट से भाजपा के रामपाल करहाना जीते थे। इसके बाद 1998 से 2013 तक लगातार भाजपा के मोहन सिंह बिष्ट चुनाव जीतते आ रहे हैं। 2015 में आम आदमी पार्टी के कपिल मिश्रा ने उन्हें हाराया। इसके बाद 2020 में मोहन सिंह बिष्ट ने आम आदमी पार्टी के दुर्गेश पाठक को करारी शिकस्त दी।
हालांकि, इस बार के चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। अभी भाजपा ने यहां से उम्मीदवार तय नहीं किए हैं। वहीं आप ने मनोज त्यागी और कांग्रेस ने डाॅ. पीके मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है।
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पिछले चुनाव के दौरान इतने मतदाता थे
2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान करावल नगर विधानसभा में 2,98,604 मतदाता थे। इसमें 1,65,521 पुरुष और 1,33,070 महिला और 13 अन्य मतदाता शामिल हैं।
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सबसे पहले इस सीट से भाजपा के रामपाल करहाना जीते थे। इसके बाद 1998 से 2013 तक लगातार भाजपा के मोहन सिंह बिष्ट चुनाव जीतते आ रहे हैं। 2015 में आम आदमी पार्टी के कपिल मिश्रा ने उन्हें हाराया। इसके बाद 2020 में मोहन सिंह बिष्ट ने आम आदमी पार्टी के दुर्गेश पाठक को करारी शिकस्त दी।
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हालांकि, इस बार के चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। अभी भाजपा ने यहां से उम्मीदवार तय नहीं किए हैं। वहीं आप ने मनोज त्यागी और कांग्रेस ने डाॅ. पीके मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है।
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पिछले चुनाव के दौरान इतने मतदाता थे
2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान करावल नगर विधानसभा में 2,98,604 मतदाता थे। इसमें 1,65,521 पुरुष और 1,33,070 महिला और 13 अन्य मतदाता शामिल हैं।
यूपी बॉर्डर से सटा है अधिकतर हिस्सा
करावल नगर विधानसभा क्षेत्र का एक तरफ का हिस्सा यूपी बॉर्डर और दूसरी तरफ का हिस्सा यमुना खादर से लगा हुआ है। विधानसभा के तहत सभापुर, चौहान बांगर, सादतपुर और बदरपुर खादर सहित कई अन्य गावों के अलावा एक दर्जन से अधिक अवैध कॉलोनियां आती हैं। 80 फीसदी लोग विधानसभा के तहत आने वाली अवैध कॉलोनियों में रहते हैं।
करावल नगर विधानसभा क्षेत्र का एक तरफ का हिस्सा यूपी बॉर्डर और दूसरी तरफ का हिस्सा यमुना खादर से लगा हुआ है। विधानसभा के तहत सभापुर, चौहान बांगर, सादतपुर और बदरपुर खादर सहित कई अन्य गावों के अलावा एक दर्जन से अधिक अवैध कॉलोनियां आती हैं। 80 फीसदी लोग विधानसभा के तहत आने वाली अवैध कॉलोनियों में रहते हैं।
वहीं कई बड़े गांवों के अलावा सोनिया विहार, भगत सिंह कॉलोनी, खजूरी, सादतपुर एक्सटेंशन, अणुव्रत विहार, मुकुंद विहार, तुकमीरपुर एक्सटेंशन, दयालपुर एक्सटेंशन और श्रीराम कॉलोनी सहित एक दर्जन से अधिक कॉलोनियां आती हैं। करावल नगर विधानसभा में आबादी के हिसाब से विकास नहीं हो पाया। क्षेत्र में मेडिकल सुविधाओं का अभाव है।
ज्यादातर कॉलोनियों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी गंदे पानी की निकासी को बड़े मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है। इस वजह से निचले इलाकों में गंदा पानी जमा रहता है। इसके अलावा की इलाकों में पीने का पानी आज तक भी लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पाया। लोग टैंकर के भरोसे रहते हैं।
क्या कहते हैं लोग
क्षेत्र में साफ सफाई का अभाव है। गंदगी हर तरफ है। सड़कों की हालत भी जर्जर है। गंदे पानी की सप्लाई होती है। क्षेत्र में यातायात की व्यवस्था भी खराब है। -तुषार, निवासी करावल नगर
क्षेत्र में साफ सफाई का अभाव है। गंदगी हर तरफ है। सड़कों की हालत भी जर्जर है। गंदे पानी की सप्लाई होती है। क्षेत्र में यातायात की व्यवस्था भी खराब है। -तुषार, निवासी करावल नगर
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 709 बी के बनने के बाद भगत सिंह कॉलोनी के सामने दिल्ली नगर निगम के टोल टैक्स को 300 मीटर पीछे हटने का आदेश राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण द्वारा दिया गया था। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी टोल टैक्स 300 मीटर पीछे नहीं हटाया गया है।-वाशुदेव मिश्रा, निवासी करावल नगर
श्री राम कॉलोनी में सफाई व्यवस्था बदहाल होने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, नालियां साफ नहीं होती हैं जिससे पानी ओवरफ्लो होकर गलियों और सड़कों पर भर जाता है। कॉलोनी के मुख्य ढलान रोड पर ही हमेशा कूड़े का ढेर लगा रहता है। -विक्की कश्यप, निवासी करावल नगर
खजूरी पुस्ता रोड पर यूपी 14 नंबर की सैकड़ों ऑटो रिक्शा और जुगाड़ ई रिक्शा अवैध रूप से चलती हैं। यह खजूरी चौक पर अवैध पार्किंग कर सवारियां उठाते हैं जिसके कारण खजूरी चौक को पार करने में घंटों लग जाते हैं। आने-जाने वाले लाखों लोगों को परेशानी होती है यहां तक की एंबुलेंस जाम में फंसती है। -चमन लाल, निवासी करावल नगर
| वर्ष | जीते (पार्टी) | हारे (पार्टी) |
| 1993 | राम पाल (भाजपा) | कल्याण सिंह (कांग्रेस) |
| 1998 | मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा) | जिले सिंह (कांग्रेस) |
| 2003 | मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा) | हसन अहमद (कांग्रेस) |
| 2008 | मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा) | सतन पाल दयमा (कांग्रेस) |
| 2013 | मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा) | कपिल मिश्रा (आप) |
| 2015 | कपिल मिश्रा (आप) | मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा) |
| 2020 | मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा) | दुर्गेश पाठक (आप) |