कपिल मिश्रा का आरोप- जैन ने खरीदी 80 एकड़ की बेनामी संपत्ति
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दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा बृहस्पतिवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। मिश्रा का आरोप है कि 56 फर्जी कंपनियों की हवाला की रकम से जैन ने 80 एकड़ बेनामी जमीन खरीदी है। केजरीवाल देश के पहले मुख्यमंत्री हैं, जिनका हवाला से सीधा लिंक जुड़ा है। लगातार किए जा रहे अपने खुलासों को मिश्रा ने केजरीवाल के भ्रष्टाचार पर अपनी सर्जिकल स्ट्राइक बताया।
बृहस्पतिवार को मिश्रा ने अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन की पत्नी का नाम भी भ्रष्टाचार करने वालों में शामिल है। सभी फर्जी कंपनियां वही चला रही हैं। मिश्रा के मुताबिक, आर्किटेक्ट डिग्री में वर्ष 1991 पास आउट जैन की एक डिग्री में 1992 लिखा है।
उन्होंने कई सालों में फर्जी कंपनियों का पूरा नेटवर्क तैयार कर लिया है। मिश्रा का आरोप है कि सत्येंद्र जैन फर्जी कंपनियां बनाकर अपनी पत्नी को उसका हेड बना देते थे। वहीं, सुनील कुमार जैन भी उनकी हर कंपनी में पार्टनर हैं। जैन योजना मंत्री रहते हुए अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदकर उसे पक्का करवा देते हैं। वहीं, एक हवाला ऑपरेटर के साथ मिलकर 80 एकड़ जमीन खरीदी है।
मिश्रा ने दावा किया कि उन्होंने घोटालों से जुड़े सभी दस्तावेजों को www.akkasach.com पर अपलोड कर दिया है। साथ ही सवाल भी किया कि केजरीवाल की ऐसी क्या मजबूरी है कि जैन उनके लिए आज जरूरी बने हुए हैं। उधर, आप की दिल्ली इकाई के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पार्टी कपिल मिश्रा के किसी भी आरोप का अब कोई जवाब नहीं देगी।
हवाला से मिला आप को चंदा
कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर जानकारी दी कि बीते दिनों चार फर्जी कंपनियों का मालिक बताने वाले मुकेश कुमार ने आयकर विभाग में स्वीकार किया है कि उसकी कंपनियां फर्जी हैं। मिश्रा का आरोप है कि मुकेश के साथ दीपक अग्रवाल नाम के एक व्यक्ति ने भी कबूला है कि उसने हवाला के जरिये आप को चंदा दिया। मिश्रा ने सवाल कि मुकेश जैन के पुराने बयान को सोशल मीडिया पर वायरल करने की कोशिश करने वाले केजरीवाल ने इस मामले पर क्यों चुप्पी लगा ली है।
केजरीवाल और सतेंद्र जैन पर एक के बाद एक आरोप लगाने वाले कपिल मिश्रा को सुबह करीबी नील हसलम के गुस्से का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार की प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद नील इसलिए नाराज हो गए कि मिश्रा ने प्रोजेक्टर नहीं लगाया था। नील ने कहा कि कपिल मिश्रा के साथ यह आखिरी पीसी है, इसके बाद वो कपिल को ही कुछ मामले में एक्सपोज करेंगे। लेकिन थोड़ी देर बाद ही मान भी गए। उन्होंने ट्वीट किया कि उनके बयान से केजरीवाल कुछ वक्त के लिए खुश हो गए थे लेकिन हम दोनों फिर साथ हैं। अगला खुलासा जल्द ही आप की फंडिंग पर होगा।