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कन्हैया की तबीयत बिगड़ी, भूख हड़ताल नहीं तोड़ने का ऐलान

Thu, 05 May 2016 03:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 05 May 2016 03:55 PM IST
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kanahaiya kumar serious and denied to call back strike
- फोटो : अमर उजाला

भूख हड़ताल पर बैठे जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की तबीयत बृहस्पतिवार को अचानक बिगड़ गई। बता दें कि कन्हैया बुधवार को भी करीब पांच बार बेहोश हुए थे, लेकिन छात्रों समेत कुलपति की भूख हड़ताल खत्म करने की अपील को ठुकरा दिया था।

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बृहस्पतिवार को एक बार फिर कन्हैया की तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें हेल्‍थ सेंटर ले जाया गया। कन्हैया का बीपी 83/56 हो गया है जो सामान्य से काफी नीचे है। आज भी उन्हें कई बार उल्टियां भी हुईं।
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इस बीच छात्रसंघ का आरोप है कि कुलपति ने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील नहीं, बल्कि धमकी भरे अंदाज में पत्र लिखा है। कुलपति भूख हड़ताल को गैरकानूनी मानते हैं।
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विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार को दिन भर हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा के अस्पताल में भर्ती होने के तीसरे दिन यानी बुधवार को कन्हैया की तबीयत भी खराब हो गई।

डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती करने समेत भूख हड़ताल खत्म करने का आह्वान किया, जिसे कन्हैया ने ठुकरा दिया। उमर खालिद, अनिर्बान समेत अन्य छात्रों की हालत भी खराब हो गई है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की जांच कर रहे डॉक्टरों ने भूख हड़ताल जारी रहने के खतरों से विश्वविद्यालय प्रबंधन को भी अवगत करवा दिया है।

डाक्टरों की रिपोर्ट के चलते ही कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की, जिसे छात्रों ने ठुकरा दिया। कुलपति ने छात्रों को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन पत्र में लिखे भूख हड़ताल गैरकानूनी शब्द के चलते हड़ताल कर रहे छात्र नाराज हो गए। 

एबीवीपी ने खत्म की अनिश्चितकालीन हड़ताल

kanahaiya kumar serious and denied to call back strike

एबीवीपी के मुताबिक, संगठन की ओर से बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दी गई। हालांकि रोज एक छात्र हड़ताल पर बैठेगा। हड़ताल पर बैठने वाला छात्र हर दिन अलग-अलग होगा। वहीं, बुधवार को सौरभ शर्मा को भी एम्स से इलाज के बाद छुट्टी मिल गई।

भूख हड़ताल खत्म करने की अपील
जेएनयू प्रबंधन ने छात्रों से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है। विवि प्रबंधन का कहना है कि भूख हड़ताल किसी समस्या का हल नहीं है। इससे छात्रों के भविष्य और स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा।

आंदोलन की बजाय बातचीत से समस्या सुलझाई जा सकती है। कुलपति प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने बुधवार को इस संबंध में छात्रों के नाम खुला पत्र लिखा। कुलपति ने अपने पत्र में लिखा है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों की भूख हड़ताल से आहत है।

हमें उनके स्वास्थ्य की पूरी चिंता है। दिल्ली में जब पारा आसमां पर है, इसके बीच भूख हड़ताल गैर कानूनी है। विवि प्रबंधन उम्मीद करता है कि छात्र भूख हड़ताल समाप्त करते हुए बातचीत के माध्यम से अपनी बात रखने में सहयोग करेंगे।

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