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Delhi: सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन का एलान, दुनिया को एकजुट करने को शुरू की नई पहल
Tue, 12 Mar 2024 09:24 AM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 12 Mar 2024 09:24 AM IST
सार
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने एक नए आंदोलन की शुरुआत करने वाले हैं। उन्होंने सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन का एलान कर दिया है। जहां दुनिया के एकजुट किया जाएगा।
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सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन
- फोटो : X/@k_satyarthi
विस्तार
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी दुनिया को एकजुट करने के लिए एक नए आंदोलन की शुरुआत करेंगे। सोमवार नई दिल्ली के एक होटल में आयोजित लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन कान्क्लेव में उन्होंने सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन (एसएमजीसी) का एलान किया। नोबेल पुरस्कार विजेताओं और नेताओं, व्यवसायों, शिक्षाविदों, युवाओं को साथ लेकर छेड़े गए करुणा के इस नए आंदोलन का उद्देश्य, टूटन और बिखराव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही दुनिया को एकजुट करके एक न्यायपूर्ण, समावेशी और पक्षपात रहित विश्व का निर्माण करना है।
सत्यार्थी ने कहा कि एसएमजीसी की शुरुआत ऐसे वक्त में हुई है जब दुनिया कई बड़ी वैश्विक चुनौतियों से जूझ रही है। दुनिया आज जितनी समृद्ध और एक दूसरे से जितनी जुड़ी हुई है, उतनी पहले कभी नहीं रही। इसके साथ ही बिखराव, युद्ध, गैर-बराबरी, नफरत, जलवायु संकट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के संभावित खतरों जैसी चुनौतियां भी तेजी से बढ़ती जा रही है।
इसके सबसे बड़े शिकार हमेशा बच्चे ही होते हैं। कार्यक्रम में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता जोडी विलियम्स, मोनाको के पूर्व प्रधानमंत्री सर्ज टेल, पद्म विभूषण डॉ. आरए मशेलकर, भारतीय सेना के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग, रॉबर्ट एफ कैनेडी ह्यूमन राइट्स की प्रेसिडेंट केरी कैनेडी, ब्राजील की सुपीरियर लेबर कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश लेलियो बेंटेस कोर्रा, और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी समेत कई लोग मौजूद रहे।
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सत्यार्थी ने कहा कि एसएमजीसी की शुरुआत ऐसे वक्त में हुई है जब दुनिया कई बड़ी वैश्विक चुनौतियों से जूझ रही है। दुनिया आज जितनी समृद्ध और एक दूसरे से जितनी जुड़ी हुई है, उतनी पहले कभी नहीं रही। इसके साथ ही बिखराव, युद्ध, गैर-बराबरी, नफरत, जलवायु संकट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के संभावित खतरों जैसी चुनौतियां भी तेजी से बढ़ती जा रही है।
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इसके सबसे बड़े शिकार हमेशा बच्चे ही होते हैं। कार्यक्रम में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता जोडी विलियम्स, मोनाको के पूर्व प्रधानमंत्री सर्ज टेल, पद्म विभूषण डॉ. आरए मशेलकर, भारतीय सेना के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग, रॉबर्ट एफ कैनेडी ह्यूमन राइट्स की प्रेसिडेंट केरी कैनेडी, ब्राजील की सुपीरियर लेबर कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश लेलियो बेंटेस कोर्रा, और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी समेत कई लोग मौजूद रहे।
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