प्रदूषण : कैलाश गहलोत ने ईपीसीए चेयरमैन को पत्र लिखकर रखी ये मांगें
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इनवायरमेंटल प्रोटेक्शन कंट्रोल एजेंसी (ईपीसीए) का ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) दिल्ली के साथ एनसीआर में आने वाले पड़ोसी राज्यों के शहरों में भी लागू होना चाहिए। बृहस्पतिवार को दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल को पत्र लिखकर उक्त तर्क रखा है।
पत्र में उन्होंने लिखा है कि प्रदूषण स्तर की आपात स्थिति में दिल्ली सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है, लेकिन एनसीआर के शहरों में भी इसे लागू कराने की अपील की गई है। परिवहन मंत्री ने ईपीसीए चेयरमैन को लिखा है कि ग्रैप सिस्टम प्रदूषण स्तर खराब होने पर लागू होता है।
दिल्ली सरकार ने सभी जरूरी कदम उठाए, लेकिन एनसीआर के शहर ऐसा नहीं कर रहे हैं। हम सम-विषम भी 13 से 17 नवंबर को लागू करना चाह रहे थे, लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के दुपहिया वाहनों व महिला चालकों को छूट के दायरेे से बाहर करने के बाद हमें फिलहाल इसे टालना पड़ा। फिर भी हम एनजीटी में दोबारा से इन शर्तों से छूट के साथ लागू करने को लेकर प्रयासरत हैं।
एनसीआर के लिए भी ये कदम उठाएं
उन्होंने लिखा कि सब जगह प्रदूषण के लिए सिर्फ दिल्ली सरकार की जवाबदेही बताई जा रही है, जबकि ग्रैप के तहत पड़ोसी राज्यों के वो शहर जो एनसीआर में आते हैं, उन पर भी वह व्यवस्था लागू करने की जिम्मेदारी है।
ऐसे में ईपीसीए जिसके ग्रैप सिस्टम पर दिल्ली सरकार जो जरूरी कदम आपात स्थिति में उठा रही है, वो कदम एनसीआर के शहरों को भी उठाना चाहिए। मगर अभी तक उनकी तरफ से इसे लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रैप लागू हो, ईपीसीए की भी जिम्मेदारी है। ईपीसीए इस मामले में चुप है। अंत में परिवहन मंत्री ने भूरेलाल से अपील की है कि वह एनसीआर के शहरों में भी ग्रैप के मुताबिक तैयार एक्शन प्लान लागू हो इसके लिए ईपीसीए को पहल करनी चाहिए।