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कटरीना से मिलने की चाह में मुंबई गया था कैफ
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 09 Jan 2016 01:21 AM IST
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बॉलीवुड अदाकारा कटरीना से मिलने की चाहत में इलाहाबाद के मियाकापुरा गांव का कैफ (14) मुंबई पहुंच गया। रास्ता भटक गया तो पुलिस ने पकड़ा और शेल्टर होम में भेज दिया।
कटरीना तो नहीं मिली, लेकिन कैफ परिजनों से 18 दिन तक जुदा रहा। परिजन उसकी तलाश में भटकते रहे। ऑपरेशन स्माइल की मुंबई पहुंची टीम ने कैफ को ढूंढा और उसके परिजनों को सूचना दी।
इसके अलावा 32 अन्य बच्चों को भी ऑपरेशन स्माइल की टीम ने मुंबई की अलग-अलग जगहों से बरामद किया। शुक्रवार को पुलिस लाइंस में बच्चों को देखकर परिजनों की आंखें छलक आईं।
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एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि कैफ की ही तरह हर बच्चे की अलग-अलग कहानी है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन स्माइल अभियान के दौरान आठ दिनों में पुलिस ने अलग-अलग जगहों से 89 बच्चा को बरामद किया है।
मुंबई से बरामद किए गए बच्चे बहराइच का रिजवान, मुरादाबाद का नाविद, मथुरा का हरीश, कन्नई का जयप्रकाश, गोरखपुर का हुसैद्दीन, प्रतापगढ़ का सुधांशु, इलाहाबाद का हनफ, गढ़वाल का संदीप, प्रतापगढ़ का आसिफ, कुर्रा का विजय, फतेहपुर का राहुल, वाराणसी का अजय है।
इलाहाबाद का उमर, जौनपुर का सिकंदर, जौनपुर का धर्मेंद्र, बस्ती का रवि, गाजीपुर का नंदलाल, बहराइच के हबीब, शमशुद्दीन, अख्तर अली, अब्दुल, रामनिवास, प्रदीप, कन्नौज का पंकज, भदोई का रामराज, मिर्जापुर का दीपू, सीतापुर का हाशिम, बांदा का दिनेश, श्रावस्ती का साफी, बाराबंकी का शिवम और झांसी का मोहित है।
एसएसपी ने बताया लापता लड़कियों को ढूंढने के लिए एक महिला दरोगा और तीन महिला सिपाहियों की टीम बनाई गई जिन्हें जल्द ही रवाना किया जाएगा।
बच्चों से भीख मंगवाता है ‘भीम’
‘ऑपरेशन स्माइल’ पार्ट-2 की मुहिम से सनसनीखेज खुलासा हुआ है। देशभर से बच्चों को यहां लाकर भीख मंगवाने वाला गिरोह यहां चलाया जा रहा है। इसका मुखिया 35 से 40 वर्ष की उम्र का भीम है जो बच्चों को डरा-धमकाकर उनसे भीख मंगवाता है। खोड़ा से बरामद एक बच्चे ने पुलिस को यह जानकारी दी।
एक टीम को गुड़गांव बच्चे के पिता को खोजने के लिए रवाना किया गया है। मुहिम को गौतमबुद्धनगर में चला रही क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को एनआईबी पुलिस चौकी के पास खोड़ा कट पर भीख मांग रहे 10 वर्षीय रमेश (परिवर्तित नाम) को बरामद किया।
पुलिस टीम ने जब उससे पूछा कि वह भीख क्यों मांग रहा है और मां-बाप कहां हैं तो वह कांस्टेबल का घुटना पकड़ कर रोने लगा। रमेश ने बताया कि उसे याद नहीं कि घर कहां है, लेकिन घर में उसकी मां है। पिता गुड़गांव में है।
बीमार थे परिजन, भाई को लेने बहन पहुंची गाजियाबाद
परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर ऋषिके श से 15 दिसंबर को भागे संदीप को मुंबई से बरामद किया गया। संदीप के पिता अजय ड्राइवर है, परिवार में संदीप की मां सीमा, बहन अंजली, बड़ा भाई संजय रहता है।
ऑपरेशन स्माइल की टीम ने उसे ढूंढा और परिजनों को सूचना दी। भाई के मिलने की खबर सुन बहन अंजली अकेली ही गाजियाबाद पहुंच गई।
पिता बाहर गए थे, उसके भाई और मां की तबियत खराब थी। अंजली 11वीं की छात्र है। एसएसपी ने अंजली को सराहा और कहा कि यह होता है भाई-बहन का प्यार।
20 हजार के लिए शेल्टर होम ने नहीं दिया बच्चा
फतेहपुर का राहुल एक माह पहले मुंबई में रहने वाले भाई रवि से मिलने के लिए गया था, अंधेरी में उसे पुलिस ने पकड़ लिया। एक शेल्टर होम में भेज दिया।
राहुल ने शेल्टर होम की संचालिका को भाई रवि का नंबर बताया। रवि को इसकी सूचना दी गई, तो वह भाई से मिलने के लिए पहुंचा। रवि ने बताया कि उससे पैसे लिए गए, इसके अलावा राहुल को उसे सौंपने की एवज में 20 हजार रुपये मांगे।
पैसा का इंतजाम न होने के कारण शेल्टर होम संचालिका ने राहुल को रवि के हवाले नहीं किया। ऑपरेशन स्माइल की टीम ने उसे ढूंढा और परिजनों को सूचना दी।
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कटरीना तो नहीं मिली, लेकिन कैफ परिजनों से 18 दिन तक जुदा रहा। परिजन उसकी तलाश में भटकते रहे। ऑपरेशन स्माइल की मुंबई पहुंची टीम ने कैफ को ढूंढा और उसके परिजनों को सूचना दी।
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इसके अलावा 32 अन्य बच्चों को भी ऑपरेशन स्माइल की टीम ने मुंबई की अलग-अलग जगहों से बरामद किया। शुक्रवार को पुलिस लाइंस में बच्चों को देखकर परिजनों की आंखें छलक आईं।
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एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि कैफ की ही तरह हर बच्चे की अलग-अलग कहानी है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन स्माइल अभियान के दौरान आठ दिनों में पुलिस ने अलग-अलग जगहों से 89 बच्चा को बरामद किया है।
मुंबई से बरामद किए गए बच्चे बहराइच का रिजवान, मुरादाबाद का नाविद, मथुरा का हरीश, कन्नई का जयप्रकाश, गोरखपुर का हुसैद्दीन, प्रतापगढ़ का सुधांशु, इलाहाबाद का हनफ, गढ़वाल का संदीप, प्रतापगढ़ का आसिफ, कुर्रा का विजय, फतेहपुर का राहुल, वाराणसी का अजय है।
इलाहाबाद का उमर, जौनपुर का सिकंदर, जौनपुर का धर्मेंद्र, बस्ती का रवि, गाजीपुर का नंदलाल, बहराइच के हबीब, शमशुद्दीन, अख्तर अली, अब्दुल, रामनिवास, प्रदीप, कन्नौज का पंकज, भदोई का रामराज, मिर्जापुर का दीपू, सीतापुर का हाशिम, बांदा का दिनेश, श्रावस्ती का साफी, बाराबंकी का शिवम और झांसी का मोहित है।
एसएसपी ने बताया लापता लड़कियों को ढूंढने के लिए एक महिला दरोगा और तीन महिला सिपाहियों की टीम बनाई गई जिन्हें जल्द ही रवाना किया जाएगा।
बच्चों से भीख मंगवाता है ‘भीम’
‘ऑपरेशन स्माइल’ पार्ट-2 की मुहिम से सनसनीखेज खुलासा हुआ है। देशभर से बच्चों को यहां लाकर भीख मंगवाने वाला गिरोह यहां चलाया जा रहा है। इसका मुखिया 35 से 40 वर्ष की उम्र का भीम है जो बच्चों को डरा-धमकाकर उनसे भीख मंगवाता है। खोड़ा से बरामद एक बच्चे ने पुलिस को यह जानकारी दी।
एक टीम को गुड़गांव बच्चे के पिता को खोजने के लिए रवाना किया गया है। मुहिम को गौतमबुद्धनगर में चला रही क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को एनआईबी पुलिस चौकी के पास खोड़ा कट पर भीख मांग रहे 10 वर्षीय रमेश (परिवर्तित नाम) को बरामद किया।
पुलिस टीम ने जब उससे पूछा कि वह भीख क्यों मांग रहा है और मां-बाप कहां हैं तो वह कांस्टेबल का घुटना पकड़ कर रोने लगा। रमेश ने बताया कि उसे याद नहीं कि घर कहां है, लेकिन घर में उसकी मां है। पिता गुड़गांव में है।
बीमार थे परिजन, भाई को लेने बहन पहुंची गाजियाबाद
परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर ऋषिके श से 15 दिसंबर को भागे संदीप को मुंबई से बरामद किया गया। संदीप के पिता अजय ड्राइवर है, परिवार में संदीप की मां सीमा, बहन अंजली, बड़ा भाई संजय रहता है।
ऑपरेशन स्माइल की टीम ने उसे ढूंढा और परिजनों को सूचना दी। भाई के मिलने की खबर सुन बहन अंजली अकेली ही गाजियाबाद पहुंच गई।
पिता बाहर गए थे, उसके भाई और मां की तबियत खराब थी। अंजली 11वीं की छात्र है। एसएसपी ने अंजली को सराहा और कहा कि यह होता है भाई-बहन का प्यार।
20 हजार के लिए शेल्टर होम ने नहीं दिया बच्चा
फतेहपुर का राहुल एक माह पहले मुंबई में रहने वाले भाई रवि से मिलने के लिए गया था, अंधेरी में उसे पुलिस ने पकड़ लिया। एक शेल्टर होम में भेज दिया।
राहुल ने शेल्टर होम की संचालिका को भाई रवि का नंबर बताया। रवि को इसकी सूचना दी गई, तो वह भाई से मिलने के लिए पहुंचा। रवि ने बताया कि उससे पैसे लिए गए, इसके अलावा राहुल को उसे सौंपने की एवज में 20 हजार रुपये मांगे।
पैसा का इंतजाम न होने के कारण शेल्टर होम संचालिका ने राहुल को रवि के हवाले नहीं किया। ऑपरेशन स्माइल की टीम ने उसे ढूंढा और परिजनों को सूचना दी।