प्रद्युम्न हत्याकांड में 13 दिसंबर को आएगा बड़ा फैसला, आरोपी छात्र का भविष्य होगा तय
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प्रद्युम्न हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी छात्र के मामले में शुक्रवार को विकास सदन स्थित जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में सुनवाई हुई। आरोपी छात्र के बालिग व नाबालिग होने की याचिका सहित आरोपी छात्र के उंगलियों के निशान लिए जाने व छात्र से अधिक समय तक सीबीआई द्वारा पूछताछ किए जाने की याचिकाओं पर फाइनल बहस हुई।
इसके साथ ही आरोपी छात्र के अधिवक्ता द्वारा बोर्ड के समक्ष एक और याचिका दायर की गई कि बोर्ड आरोपी को बालिग और नाबालिग पर फैसला देने में जल्दबाजी न करे। बोर्ड ने सभी याचिकाओं पर बहस सुनने के बाद सुनवाई के लिए 13 दिसंबर की तारीख निश्चित की है।
प्रद्युम्न के पिता द्वारा बोर्ड के समक्ष याचिका दायर की गई कि आरोपी छात्र द्वारा संगीन अपराध को अंजाम दिया गया है, इसलिए उस पर बालिग की तरह मुकदमा चलाया जाए। इसके साथ ही सीबीआई ने बोर्ड के समक्ष आरोपी छात्र की उंगलियों के निशान लेने के लिए याचिका दायर की थी।
उंगलियों के निशान लेने के लिए दायर की थी याचिका
उधर, आरोपी छात्र के अधिवक्ता द्वारा बोर्ड के समक्ष याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सीबीआई ने रिमांड के दौरान छात्र से तय समय से अधिक समय तक पूछताछ की है। इन तीनों ही याचिकाओं पर बहस के लिए शुक्रवार की तारीख निर्धारित की गई थी।
दोपहर 2 बजे से बोर्ड में सुनवाई शुरू हुई। प्रद्युम्न के अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल ने बताया कि सबसे पहले उंगलियों के निशान लेने की सीबीआई की याचिका पर सुनवाई हुई। आरोपी छात्र के अधिवक्ता तलवार अहमद मीर द्वारा उंगलियों के निशान लेने से मना कर दिया गया।
इस पर सीबीआई की ओर से दलील दी गई कि मामले को स्पष्ट करने के लिए उन्हें छात्र के उंगलियों के निशान की जरूरत है। तीसरे मामले में आरोपी के बालिग और नाबालिग होने की याचिका पर बहस शुरू हुई।
इस मामले में बोर्ड द्वारा तैयार की गई सोशल इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट व साइको टेस्ट रिपोर्ट अब तक बोर्ड में सील बंद है। इन्हें शुक्रवार को भी नहीं खोला गया।