फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Juvenile Justice Board reserves verdict in Pradyuman Murder Case till 13th december

प्रद्युम्न हत्याकांड में 13 दिसंबर को आएगा बड़ा फैसला, आरोपी छात्र का भविष्य होगा तय

Fri, 08 Dec 2017 06:54 PM IST
टीम डिजिटल /अमर उजाला, गुरुग्राम
टीम डिजिटल /अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Fri, 08 Dec 2017 06:54 PM IST
विज्ञापन
 Juvenile Justice Board reserves verdict in Pradyuman Murder Case till 13th december
- फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला

प्रद्युम्न हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी छात्र के मामले में शुक्रवार को विकास सदन स्थित जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में सुनवाई हुई। आरोपी छात्र के बालिग व नाबालिग होने की याचिका सहित आरोपी छात्र के उंगलियों के निशान लिए जाने व छात्र से अधिक समय तक सीबीआई द्वारा पूछताछ किए जाने की याचिकाओं पर फाइनल बहस हुई।

विज्ञापन


इसके साथ ही आरोपी छात्र के अधिवक्ता द्वारा बोर्ड के समक्ष एक और याचिका दायर की गई कि बोर्ड आरोपी को बालिग और नाबालिग पर फैसला देने में जल्दबाजी न करे। बोर्ड ने सभी याचिकाओं पर बहस सुनने के बाद सुनवाई के लिए 13 दिसंबर की तारीख निश्चित की है।
विज्ञापन


प्रद्युम्न के पिता द्वारा बोर्ड के समक्ष याचिका दायर की गई कि आरोपी छात्र द्वारा संगीन अपराध को अंजाम दिया गया है, इसलिए उस पर बालिग की तरह मुकदमा चलाया जाए। इसके साथ ही सीबीआई ने बोर्ड के समक्ष आरोपी छात्र की उंगलियों के निशान लेने के लिए याचिका दायर की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

उंगलियों के निशान लेने के लिए दायर की थी याचिका

 Juvenile Justice Board reserves verdict in Pradyuman Murder Case till 13th december

​उधर, आरोपी छात्र के अधिवक्ता द्वारा बोर्ड के समक्ष याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सीबीआई ने रिमांड के दौरान छात्र से तय समय से अधिक समय तक पूछताछ की है। इन तीनों ही याचिकाओं पर बहस के लिए शुक्रवार की तारीख निर्धारित की गई थी।

दोपहर 2 बजे से बोर्ड में सुनवाई शुरू हुई। प्रद्युम्न के अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल ने बताया कि सबसे पहले उंगलियों के निशान लेने की सीबीआई की याचिका पर सुनवाई हुई। आरोपी छात्र के अधिवक्ता तलवार अहमद मीर द्वारा उंगलियों के निशान लेने से मना कर दिया गया।

इस पर सीबीआई की ओर से दलील दी गई कि मामले को स्पष्ट करने के लिए उन्हें छात्र के उंगलियों के निशान की जरूरत है। तीसरे मामले में आरोपी के बालिग और नाबालिग होने की याचिका पर बहस शुरू हुई।

इस मामले में बोर्ड द्वारा तैयार की गई सोशल इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट व साइको टेस्ट रिपोर्ट अब तक बोर्ड में सील बंद है। इन्हें शुक्रवार को भी नहीं खोला गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed