बालिग की तरह चलेगा नाबालिग पर मुकदमा: पहले मर्डर केस में बेल, फिर दूसरी हत्या; अब कानून ने बदला आरोपी का दर्जा
नाबालिग के आपराधिक इतिहास और अपराध की क्रूरता को देखते हुए, जांच अधिकारी ने जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत बोर्ड के समक्ष आवेदन किया था। कानून के विभिन्न पहलुओं और सबूतों की गहन समीक्षा करने के बाद, बोर्ड ने याचिका को स्वीकार कर लिया और आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी।
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विस्तार
पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में साल 2025 में हुई एक 22 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि इस मामले में पकड़े गए नाबालिग आरोपी पर अब एक वयस्क (बालिग) की तरह मुकदमा चलाया जाएगा।
जांच अधिकारी की अर्जी पर बोर्ड ने दिया आदेश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच अधिकारी द्वारा दी गई एक अर्जी पर विचार करने के बाद बोर्ड ने 4 जुलाई को यह आदेश पारित किया। जांच अधिकारी ने अपराध की गंभीरता और जांच के दौरान जुटाए गए पुख्ता सबूतों का हवाला देते हुए नाबालिग को बालिग की तरह ट्रीट करने की मांग की थी।
क्या था मामला
यह घटना 7 दिसंबर 2025 की है, जब शकरपुर बाजार में एक 22 वर्षीय युवक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हमले के बाद पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। इस संबंध में शकरपुर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने इस नाबालिग को पकड़ा था।
पहले से चल रहा था मर्डर केस, जमानत पर था बाहर
पुलिस जांच में आरोपी नाबालिग को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पकड़े जाने के बाद पता चला कि यह नाबालिग पहले से ही साल 2024 में दर्ज एक अन्य हत्या के मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है। जब उसने दिसंबर 2025 में शकरपुर में इस दूसरी हत्या को अंजाम दिया, उस वक्त वह कोर्ट से जमानत पर बाहर चल रहा था।
कानून के तहत माना गया 'वयस्क'
नाबालिग के आपराधिक इतिहास और अपराध की क्रूरता को देखते हुए, जांच अधिकारी ने जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत बोर्ड के समक्ष आवेदन किया था। कानून के विभिन्न पहलुओं और सबूतों की गहन समीक्षा करने के बाद, बोर्ड ने याचिका को स्वीकार कर लिया और आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी।