कैंसर और हृदय रोगियों को 90% तक सस्ती दवाएं
कैंसर और हृदय रोगियों के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बड़ी राहत दी है। रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने एम्स में अमृत फार्मेसी का उद्घाटन किया, जहां से कैंसर और हृदय रोगी 50 से 90 फीसदी तक सस्ती दवा उपलब्ध खरीद सकेंगे।
इस स्टोर से सिर्फ एम्स में भर्ती मरीजों को ही नहीं बल्कि बाहर के मरीजों को भी वैलिड प्रिस्क्रिप्शन पर सस्ती दवा मिलेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की पहल पर हिन्दुस्तान लैटेक्स लिमिटेड (एचएलएल) के सहयोग से शुरू हुए स्टोर से कैंसर मरीजों और हृदय संबंधी बीमारी के ऐसे मरीज जिनको स्टेंट लगा हो, हार्ट वॉल्व लगा हो, ओपन हार्ट सर्जरी हुई हो अथवा किसी अन्य तरह का इम्प्लांट हुआ हो उन्हें भी 50 से 90 फीसदी तक सस्ती दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
13 हजार की दवा मिलेगी 900 में
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की गई है, इसकी सफलता के बाद आने वाले दिनों में उन सभी केंद्रीय अस्पतालों में इस तरह के स्टोर की शुरुआत की जाएगी, जहां कैंसर और हृदय रोगियों के इलाज की व्यवस्था है।
अमृत फार्मेसी में 195 तरह की कैंसर की दवा, गंभीर हृदय संबंधी बीमारियों की 186 और हृदय में किसी तरह का प्रत्यारोपण होने पर दी जाने वाली करीब 148 तरह की दवा की व्यवस्था की गई है।
कैंसर की दवा डॉकटैक्सेल (120 एमजी) की बाजार कीमत करीब 13,440 रुपये है जो इस अमृत स्टोर में महज 888.75 रुपये में मिलेगी। इस दवा का उपयोग कैंसर मरीजों में कीमोथेरेपी के लिए की जाती है।
यह रकम एक बार में कीमोथेरेपी पर खर्च होती है। इसके अतिरिक्त काबोप्लैटिन (450 एमजी) दवा की बाजार कीमत 2561.57 रुपये है जो अमृत स्टोर से 1316.25 रुपये में मिलेगी।
हर वर्ष 70 हजार कैंसर के नए मरीज
स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, हर वर्ष भारत में कैंसर के 70 हजार नए मामले सामने आते हैं और हर समय भारत में कैंसर के 28 लाख मरीज होते हैं। यही नहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक हर वर्ष भारत में एक लाख 45 हजार ब्रेस्ट कैंसर के मरीज सामने आते हैं।
50 फीसदी मरीज बीच में छोड़ देते हैं इलाज
मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, कैंसर के 50 फीसदी मरीज कीमोथेरेपी के दो से तीन साइकिल के बाद अस्पताल आना छोड़ देते हैं। मंहगी दवा और इलाज की वजह से मरीज कैंसर इलाज जारी नहीं रख पाते।
कुछ ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों में टारगेटेड थेरेपी देनी होती है, जिसमें एक साइकिल पर करीब 75 हजार रुपये का खर्च आता है जबकि मरीज को टारगेटेड थेरेपी की करीब 17 साइकिल की आवश्यकता होती है।
यही नहीं कोलोन, किडनी, लंग और गॉल ब्लाडर के कैंसर मरीजों में आठ लाख रुपये तक की कीमोथेरेपी करानी पड़ती है। आमतौर पर मरीज को प्रति साइकिल एक लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
सभी केंद्रीय अस्पतालों में जेनेरिक स्टोर
स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने कहा कि देश के सभी केंद्रीय अस्पतालों में मुफ्त जेनेरिक दवा स्टोर की शुरुआत की जाएगी। फिलहाल एम्स में एम्स के मरीजों के लिए मुफ्त जेनेरिक दवा उपलब्ध है।
एम्स के ईएनटी के नए ब्लॉक का उद्घाटन
स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स के नए ईएनटी ब्लॉक का उद्घाटन किया। दो नए माइनर ऑपरेशन थियेटर, एक हीयरिंग टेस्ट लैब, कॉक्लियर इम्प्लांट लैब, फैकल्टी के लिए पांच कमरे और रेजिडेंट डॉक्टर्स के लिए 10 कमरे तैयार किए गए हैं।
स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या 40 करने की तैयारी
स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए अस्पताल में तैयारी शुरू कर दी गई है। अभी स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए बिस्तर काफी कम हैं, लिहाजा इसे बढ़ाकर 25 करने के लिए कहा गया है और जरूरत पड़ने पर बिस्तरों की संख्या 40 तक करने का प्रस्ताव किया गया है। स्वाइन फ्लू मरीज के लिए अलग से आईसीयू भी तैयार किया गया है।