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आईआईटी की तर्ज पर जेएनयू भी लेगा पूर्व छात्रों से आर्थिक मदद
Wed, 19 Feb 2020 01:18 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 19 Feb 2020 01:18 PM IST
सार
-विश्वविद्यालय ने एग्जीक्यूटिव काउंसिल में दी अक्षय निधि को मंजूरी
-सौ करोड़ रुपये एकत्रित करने का लक्ष्य, कुलपति ने की सहयोग की अपील
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जेएनयू (फाइल फोटो)
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विस्तार
आईआईटी की तर्ज पर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय भी पूर्व छात्रों से आर्थिक मदद लेगा। जेएनयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल में मंगलवार को अक्षय निधि (एंडॉमेंट योजना) को मंजूरी दे दी गई।
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योजना के तहत 2020 में सौ करोड़ रुपये एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना में फंड एकत्रित होने से छात्रों पर फीस बढ़ोतरी से भी राहत मिल जाएगी क्योंकि, विश्वविद्यालय अपने खर्चे इस योजना से निकाल सकेगा।
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कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार के मुताबिक, जेएनयू के पूर्व छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में विभिन्न माध्यमों से मदद व सहयोग कर रहे हैं। इसी के चलते एंडॉमेंट योजना शुरू की जा रही है।
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दुनियाभर में फैले जेएनयू के पूर्व छात्र-छात्राएं योजना के तहत अपनी मर्जी से आर्थिक मदद कर सकते हैं। ऐसे पूर्व छात्र विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट, पाठ्यक्रम, परीक्षा से लेकर अन्य नीतियों में सुधार के लिए योगदान दे सकेंगे। कुलपति प्रो. कुमार ने जेएनयू के सभी पूर्व छात्रों से आर्थिक मदद के तहत एंडॉमेंट योजना में अधिक से अधिक पैसे देने की अपील की है।
80 हजार हैं पूर्व छात्र-छात्राएं
जेएनयू के 80 हजार पूर्व छात्र-छात्राएं हैं। यदि प्रति छात्र साल में 50 हजार रुपये देता है तो एक साल में विश्वविद्यालय के पास 400 करोड़ रुपये एकत्रित हो जाएंगे। विवि की योजना है कि एक हजार करोड़ रुपये इस योजना में एकत्रित हो, ताक्रि उससे मिलने वाले ब्याज से विश्वविद्यालय अपने विकास की राह पर अग्रसर हो सके। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को स्कॉलरशिप आदि भी मुहैया कराई जा सकेगी। रिसर्च कार्यों में भी बढ़ावा मिलेगा।