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Delhi NCR News: जेएनयू में फाउंडेशन के ऑनलाइन कोर्स को लेकर छात्रों का हंगामा
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- स्कूल डीन दफ्तर के बाहर जुटे छात्र, कक्षाओं का किया बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अध्ययन संस्थान (एसएलएल एंड सीएस) में सोमवार को छात्रों ने हंगामा किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने डीन दफ्तर के बाहर लगी नेम प्लेट को उखाड़ दिया। छात्रों ने एसएलएल एंड सीएस में कक्षाओं का बहिष्कार भी किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दफ्तर के बाहर निजी कोर्स पर क्रॉस के निशान के साथ पोस्टर चस्पा किए। इस संबंध में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। वीडियो में छात्र नेम प्लेट को दरवाजे पर मारते और हाथ में लहराते हुए दिख रहे हैं। डीन को बाहर आकर बात करने के संबंध में नारेबाजी कर रहे हैं। छात्र दफ्तर के अंदर न घुसे उसको लेकर सुरक्षा कर्मी प्रवेश द्ववार के बाहर डटे रहे।
जेएनयू छात्र संघ के महासचिव सुनील यादव ने कहा कि जेएनयू सार्वजनिक विश्वविद्यालय है। किसी प्रकार का निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। एक निजी फाउंडेशन के ऑनलाइन कोर्स के जरिए निजीकरण का प्रयास किया जा रहा है उसके खिलाफ हमारी यह लड़ाई है। विश्वविद्यालय ने एफवाईयूपी के तहत वैल्यू एडिशन कोर्सेज के विकल्प दिए है उसी के तहत यह ऑनलाइन कोर्स छात्रों को ऑफर किया जा रहा है। विकल्प कोर्स में ऑनलाइन कोर्स को अनिवार्य किया गया है। हालांकि इसको पिछले सेमेस्टर में लागू कर दिया गया था। परीक्षा भी ऑनलाइन हुई थी। कोर्स की खामियों को देखते हुए यह विरोध किया जा रहा है। निजी फाउंडेशन के कोर्स को वापस लेने के संबंध में एसएलएल एंड सीएस की डीन को ज्ञापन भी दिया जा चुका है। लेकिन उसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। इस संबंध में अब स्कूल डीन से मुलाकात हुई है उन्होंने कहा कि छात्रों के इस मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी उसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
जेएनयू के एसएलएल एंड सीएस काउंसलर गुलाम वारिस ने बताया कि ऑनलाइन कोर्स के जरिए निजी कंपनी को विश्वविद्यालय में जगह दी जा रही है। यह जेएनयू की शैक्षणिक अवधारणा पर हमला है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत यह ऑनलाइन कोर्स भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित है। डीन कार्यालय के बाहर पर्चे-पोस्टर लेकर पहुंचे थे। वहां पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। नेम प्लेट उखाड़ने का आरोप तथ्यहीन है। इस कोर्स को वापस लिया जाएं। साथ ही कई दूसरी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अध्ययन संस्थान (एसएलएल एंड सीएस) में सोमवार को छात्रों ने हंगामा किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने डीन दफ्तर के बाहर लगी नेम प्लेट को उखाड़ दिया। छात्रों ने एसएलएल एंड सीएस में कक्षाओं का बहिष्कार भी किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दफ्तर के बाहर निजी कोर्स पर क्रॉस के निशान के साथ पोस्टर चस्पा किए। इस संबंध में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। वीडियो में छात्र नेम प्लेट को दरवाजे पर मारते और हाथ में लहराते हुए दिख रहे हैं। डीन को बाहर आकर बात करने के संबंध में नारेबाजी कर रहे हैं। छात्र दफ्तर के अंदर न घुसे उसको लेकर सुरक्षा कर्मी प्रवेश द्ववार के बाहर डटे रहे।
जेएनयू छात्र संघ के महासचिव सुनील यादव ने कहा कि जेएनयू सार्वजनिक विश्वविद्यालय है। किसी प्रकार का निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। एक निजी फाउंडेशन के ऑनलाइन कोर्स के जरिए निजीकरण का प्रयास किया जा रहा है उसके खिलाफ हमारी यह लड़ाई है। विश्वविद्यालय ने एफवाईयूपी के तहत वैल्यू एडिशन कोर्सेज के विकल्प दिए है उसी के तहत यह ऑनलाइन कोर्स छात्रों को ऑफर किया जा रहा है। विकल्प कोर्स में ऑनलाइन कोर्स को अनिवार्य किया गया है। हालांकि इसको पिछले सेमेस्टर में लागू कर दिया गया था। परीक्षा भी ऑनलाइन हुई थी। कोर्स की खामियों को देखते हुए यह विरोध किया जा रहा है। निजी फाउंडेशन के कोर्स को वापस लेने के संबंध में एसएलएल एंड सीएस की डीन को ज्ञापन भी दिया जा चुका है। लेकिन उसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। इस संबंध में अब स्कूल डीन से मुलाकात हुई है उन्होंने कहा कि छात्रों के इस मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी उसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
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जेएनयू के एसएलएल एंड सीएस काउंसलर गुलाम वारिस ने बताया कि ऑनलाइन कोर्स के जरिए निजी कंपनी को विश्वविद्यालय में जगह दी जा रही है। यह जेएनयू की शैक्षणिक अवधारणा पर हमला है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत यह ऑनलाइन कोर्स भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित है। डीन कार्यालय के बाहर पर्चे-पोस्टर लेकर पहुंचे थे। वहां पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। नेम प्लेट उखाड़ने का आरोप तथ्यहीन है। इस कोर्स को वापस लिया जाएं। साथ ही कई दूसरी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया था।
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