जेएनयू छात्र सुसाइड मामला: पिता ने बताया बेटे की जिंदगी से जुड़ा एक अनजाना सच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में पीएचडी के छात्र मुथुकृष्णन ने होली वाले दिन आत्महत्या कर ली। यह खबर जब उनके पिता के पास सलेम (आंध्र प्रदेश) पहुंची तो उन्हें जैसे विश्वास ही नहीं हो रहा।
रजनी क्रिश के नाम से मशहूर मुथुकृष्णन के पिता जीवानंदम का कहना है कि उनका बेटा आत्महत्या कर ही नहीं सकता। बल्कि वह तो परीक्षाओं के बाद घर आने वाला था।
सेलम में सिक्योरिटी वॉचमैन का काम करने वाले रजनी के पिता का कहना है कि दो दिन पहले ही उनकी बेटे से बात हुई थी। उसने कहा था कि उसके एग्जाम हैं उसके बाद वो घर आएगा।
'वो कायर नहीं जो करे आत्महत्या'
सोमवार को उन्हें पता चला कि उसने आत्महत्या कर ली। उन्हें अपने बेटे पर पूरा यकीन है कि वो ऐसा काम नहीं कर सकता। उनका कहना है कि वो कायर नहीं थ जो आत्महत्या जैसा कदम उठाए।
रजनी के पिता का कहना है कि वो बहुत प्रतिभाशाली छात्र था। वो कभी किसी से उलझता नहीं था। जेएनयू में दाखिला भी उसे अपनी काबिलियत व मेरिट के आधार पर मिला था।
रजनी के पिता का कहना है कि उन्हें बेटे की आत्महत्या वाली बात पर संदेह होता है। उन सबको उम्मीद थी कि वो अपनी पढ़ाई पूरी करके एक अच्छा जीवन बिताएगा।