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JNU छात्र नजीब को ढूंढेंगे खोजी कुत्ते, हाईकोर्ट का पुलिस को निर्देश
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 15 Dec 2016 12:05 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट ने करीब दो माह से लापता जेएनयू छात्र नजीब अहमद का पता न लगने पर चिंता जताते हुए पुलिस को खोजी कुत्तों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि हॉस्टल, कक्षाओं व छतों सहित पूरे विश्वविद्यालय परिसर में नजीब को ढूंढने के लिए कुत्तों का इस्तेमाल किया जाए।
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न्यायाधीश जी.एस सिस्तानी और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की खंडपीठ ने कहा कि दो माह में भी छात्र का पता नहीं चल पाया, यह चिंता का विषय है। अदालत ने कहा आप (पुलिस) बिना समय नष्ट किए छात्र का पता लगाने के लिए हर संभव कदम उठाएं। आपने छात्र के लापता होने के बाद संदिग्ध छात्रों के बयान दर्ज करने में पहले ही देरी कर दी है। खंडपीठ ने जेएनयू और जेएनयू छात्रसंघ को दो दिन में शपथपत्र सहित यह लिखकर देने का निर्देश दिया है कि उनको जेएनयू परिसर की तलाशी में कोई आपत्ति नहीं है। इसके अलावा वे पुलिस को जांच में पूरा सहयोग करें। अदालत ने पुलिस को नजीब का पता लगाने के लिए जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय में तलाशी अभियान शुरू करने की स्वतंत्रता प्रदान की है।
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कोई क्या सोचता है, हमें चिंता नहीं : कोर्ट
कोर्ट ने कहा यदि विश्वविद्यालय या छात्र जांच प्रक्रिया पर प्रतिरोध या आपत्ति जताते हैं, तो जांच एजेंसी अदालत से संपर्क कर सकती है। खंडपीठ ने कहा हमें इस बात की चिंता नहीं है कि स्टूडेंट्स यूनियन क्या कहती है। हमें इससे भी कुछ लेना देना नहीं कि जेएनयू क्या सोचता है। हमारा मकसद मात्र उस छात्र से है, जो लापता है। अदालत नजीब की मां फातिमा नफीस द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। फातिमा ने अदालत से आग्रह किया है कि करीब दो माह से लापता उनके पुत्र का पता लगाकर उन्हें सौंपने का पुलिस को निर्देश दिया जाए। मामले की सुनवाई 22 दिसंबर को होगी।
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अपहरण कोण को दरकिनार कर रही पुलिस : याची
याची के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि पुलिस नजीब के अपहरण के कोण को दरकिनार कर रही है। वह मात्र इस तथ्य को मान कर जांच कर रही है कि नजीब मानसिक रूप से परेशान था और खुद कैंपस से चला गया। यही कारण है कि अभी तक नजीब का पता नहीं चल पाया। उधर, दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि पुलिस अपहरण सहित सभी कोणों से नजीब को तलाश रही है। याची से जांच के संबंध में कुछ भी छिपाया नहीं गया। उन्होंने कहा कि नजीब से मारपीट करने वाले चार संदिग्ध छात्रों का लाई-डिटेक्टर टेस्ट करवाया गया है। 10 दिनों में इसकी रिपोर्ट मिलने की संभावना है।