JNU: यौन उत्पीड़न मामले में फैकल्टी बर्खास्त
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में यौन उत्पीड़न के आरोप के एक मामले में एक फैकल्टी सदस्य को कार्यकारी परिषद में बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया।
इस फैकल्टी सदस्य पर एक शोधार्थी छात्रा का यौन उत्पीड़न का आरोप था। इस मामले को लेकर जीएस कैश में शिकायत भी हुई थी। जीएस कैश ने इस संबंध में जांच करने पर फैकल्टी को दोषी पाया था।
जेएनयू छात्र संघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा के मुताबिक कार्यकारी परिषद ने यौन उत्पीड़न के मामले में फैकल्टी को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है।
जेएनयू प्रशासन की प्रतिक्रिया निराशाजनक
इस मामले के लिए कार्यकारी परिषद की विशेष बैठक बुलाई गई थी। मालूम हो कि बीते सप्ताह ही मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने संसद में बताया था कि सत्र 2013-14 में जेएनयू से यौन उत्पीड़न के 25 मामले आए थे।
यूजीसी ने 14 विभिन्न संस्थानों में यौन उत्पीड़न को लेकर एक रिपोर्ट दी थी, जिसमें जेएनयू से सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे। इस संबंध में सौरभ शर्मा ने कहा कि जीएस कैश और कार्यकारी परिषद का फैसला सराहनीय है और हम इसका स्वागत करते हैं।
यह विश्वविद्यालय की महिलाओं के सम्मान की दिशा में एक अच्छी पहल है। हालांकि पूरे घटनाक्रम में जेएनयू प्रशासन की प्रतिक्रिया निराशाजनक रही, मामले में जेएनयू प्रशासन को तुरंत एफआईआर दर्ज करानी चाहिए थी।