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तुषार सेठी ने 9वीं कक्षा में फेसबुक से किया था किनारा, जेईई में 100 पर्सेंटाइल लाकर रचा इतिहास

Sun, 13 Sep 2020 03:28 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Sun, 13 Sep 2020 03:28 PM IST
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JEE mains 2020 Tushar sethi scores 100 percentile recommends less use of social media to concentrate studies
तुषार सेठी - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली के टॉपर तुषार सेठी कहते हैं कि जेईई मेन 2020 की परीक्षा ताउम्र याद रहेगी, क्योंकि लॉकडाउन के चलते लाइफ थोड़ी बदली पर परिवार के साथ और टाइम-टेबल से पढ़ाई ने सफलता के दरवाजे खोल दिए। अच्छी पर्सेंटाइल आएगी पर 100 पर्सेंटाइल होगी यह नहीं सोचा था। 

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तुषार ने 9वीं कक्षा से आईआईटी की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए सबसे पहले सोशल मीडिया से दूरी बनाई। उन्होंने बताया कि मैंने अपना फेसबुक अकाउंट बंद किया, क्योंकि मुझे लगा कि यह सिर्फ समय की बर्बादी है। मैं सभी जेईई मेन की तैयारी करने वाले छात्रों से कहना चाहता हूं कि सोशल मीडिया से दूरी रखें। नियमित पढ़ाई से सफलता जरूर मिलती है।
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पीतमपुरा निवासी तुषार के पिता कस्टम विभाग के सुप्रीटेंडेंट और मां अकाउंटस ऑफिसर हैं। तुषार ने रोहिणी सेक्टर 14 स्थित बाल भारती से अपनी 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई की है। तुषार कहते हैं कि अब वे आईआईटी दिल्ली से बीटेक करेंगे। हालांकि ब्रांच पर अभी कोई फैसला नहीं किया है। दिनभर में वे सिर्फ 9 से 10 घंटे तक पढ़ाई करते थे।
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संयुक्त परिवार में लॉकडाउन का डर हावी नहीं हुआ
संयुक्त परिवार में रहने के चलते अकेलापन या तनाव कभी नहीं हो सकता। पढ़ाई के बाद का समय परिवार के साथ गुजारने पर सारी थकान पल भर में दूर हो जाती थी। कोरोना, लॉकडाउन और अप्रैल की परीक्षा स्थगित होने से परेशानी हुई, लेकिन पढ़ाई करते रहे, क्योंकि जीवन में बाधाओं के आगे सफलता होती है। इसी मूलमंत्र को याद रखा।


सात से आठ घंटे की नींद जरूरी
तुषार का कहना है कि परीक्षा की तैयारी जरूरी है पर सात से आठ घंटे की नींद भी उतनी ही जरूरी है। जब अच्छी नींद आएगी तो दिमाग एकदम शांत होगा और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। 

तुषार ने कहा कि पढ़ाई के साथ वॉलीबाल और बॉस्केटबॉल खेलना पसंद है, क्योंकि मेरा मानना है कि पढ़ाई के लिए मानसिक और शारीरिक फिटनेस बेहद जरूरी है।

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