आंदोलन पर जाट महासभा ने लोगों से मांगी माफी
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अखिल भारतीय जाट महासभा ने हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई आगजनी, लूटपाट और निहत्थे लोगों पर गोली चलाने की घटनाओं पर दुख जताया है।
आंदोलन के दौरान रोड व रेल लाइन जाम करने से परेशान व प्रभावित हुए लोगों से माफी मांगते हुए उन्होंने कहा कि जाट बिरादरी को बदनाम करने के लिए झूठी खबरें फैलाई गई।
उन्होंने आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की सीबीआई व न्यायिक जांच कराने की मांग की और साथ ही आरक्षण की मांग पर केंद्र सरकार को चेतावनी भी दी।
महासभा के नेताओं ने कहा कि जाट बिरादरी को हल्के में न लेकर उसे जल्द से जल्द आरक्षण दिया जाए। किसी के दबाव में आकर आरक्षण देने की प्रक्रिया रोकी तो वे सड़कों पर उतरने में देर नहीं लगाएंगे।
जाट बिरादरी लूटपाट व हिंसा में विश्वास नहीं रखती
अखिल भारतीय जाट महासभा के महासचिव चौ. युद्धवीर सिंह व अन्य नेताओं ने राजधानी में बुधवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में कहा कि जाट बिरादरी को आरक्षण मांगने का पूरा हक है, क्योंकि उनके समकक्ष बिरादरियों को मंडल आयोग की रिपोर्ट के तहत आरक्षण मिल चुका है।
जाति बिरादरी की यह मांग नई नहीं है, बल्कि वह वर्ष 1990 से ही आरक्षण मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाट आंदोलन हमेशा की भांति शांतिपूर्ण चल रहा था और किसी के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की जा रही थी।
मगर कुछ नेता हरियाणा में राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए पिछले काफी समय से समाज में द्वेष फैला रहे है और वे समाज के भाईचारे को खराब कर रहे हैं।
उन्हीं के इशारे पर कुछ स्थानीय नेताओं और शरारती तत्वों ने आंदोलन में घुसकर हिंसा, आगजनी व लूटपाट जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। ऐसे नेताओं के खिलाफ देशद्रोह के मुकदमे दर्ज होने चाहिए। उन्होंने कहा कि जाट बिरादरी लूटपाट व हिंसा में विश्वास नहीं रखती।