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जाट आंदोलन लाइवः अभी भी सहमा हुआ है जिला प्रशासन
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 25 Feb 2016 05:10 PM IST
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साइबर सिटी में जाट आंदोलन का असर अभी भी बरबकरार है। सोनीपत के मुनक में नहर बंद किए जाने के बाद से पानी को लेकर यहां के लोगों की परेशानी पिछले कई दिनों से बढ़ी हुई है।
करीब 20 लाख की आबादी वाले इस शहर को पूरी मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। पानी समस्या को लेकर शहरवासी लगातार प्रशासन को अपनी शिकायत दर्ज करा रहा है।
पानी समस्या को लेकर लोगों में बनी ऊहापोह की स्थिति को जानने के लिए अमर उजाला ने बुधवार को बसई ट्रीटमेंट प्लांट और धनकोट में गुडग़ांव वाटर कैनाल(जीडब्ल्यूसी) का दौराकर स्थिति का जायजा लिया। पेश है संवाददाता की रिपोर्ट।
मुनक से पानी बंद होने पर घटाई पानी की आपूर्ति
गुडग़ांव शहर में घरों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था नहरी पानी पर आधारित है। गुडग़ांव वाटर कैनाल के माध्यम से यहां के बसई और चांदू बुढ़ेड़ा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में वाटर ट्रीट कर बूस्टिंग स्टेशनों पर भेजा जाता है, जहां से विभिन्न इलाकों में पानी की आपूर्ति की व्यवस्था है।
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जाट आंदोलन के दौरान मुनक गांव से गुडग़ांव वाटर कैनाल तक आने वाले पानी की आपूर्ति बंद किए जाने के बाद से हुडा प्रशासन की परेशानी बढ़ गई। हुडा व नगर निगम प्रशासन ने नहर में पानी न आने की स्थिति में बूस्टिंग स्टेशनों से शहरवासियों को पानी की आपूर्ति कम करनी शुरू कर दी है। जरूरत के अनुसार पानी न मिलने से लोगों की भी परेशानी बढ़ गई। कम पानी आने से लोगों के रोजमर्रा के काम भी अटकने लगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार रोजाना विभिन्न इलाकों से पानी की आपूर्ति को लेकर सैकडो शिकायतें आ रही हैं।
आपूर्ति घटकर 15 एमजीडी हुई
आम दिनों में रोजाना करीब 55 एमजीडी पानी की आपूर्ति शहरवासियों को की जाती है। लेकिन अब यह आपूर्ति घटकर 15 एमजीडी पर आ गई है। जरूरत के अनुसार पानी न मिलने के कारण लोग पूरी तरह से पानी का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। रोजमर्रा के कामों पर पानी की कमी का असर साफ दिख रहा है। लोग परेशान हैं। यहां तक आंदोलन के दौरान तो कुछ लोग ट्रीटमेंट प्लांट पर भी पहुंच गए थे।
कई इलाकों से आ रही शिकायतें
शहर के अलग-अलग हिस्सों से हुडा व नगर निगम अधिकारियों के पास पानी की समस्या को लेकर शिकायतें आ रही हैं। नया गुडग़ांव के कई इलाकों के अलावा सेक्टर 5, 14, 22, 23, अंसल प्लाजा की ओर से शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। ट्रीटमेंट प्लांट के स्टोर में में मंगलवार को केवल 30 एमजीडी पानी ही बचा है। पानी का दुरूपयोग न हो और लोगों की अधिक परेशानी न बढ़े, इसे ध्यान में रखकर पानी की आपूर्ति केवल रात में ही की जा रही है, जिनके पास स्टोरेज की व्यस्था है, वह अपना काम निपटा पा रहे हैं, जबकि अन्यों की समस्या बढ़ गई है।
बसई ट्रीटमेंट प्लांट पर पुलिस का पहरा
पानी की कमी को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी अनहोनी को ध्यान में रखकर बसई ट्रीटमेंट प्लांट पर पुलिस का पहरा बैठा दिया है। एक पुलिस जिप्सी के साथ ही यहां पर 8-10 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ताकि लोग पानी की समस्या को लेकर प्लांट पर जाकर कोई हंगामा न खड़ा कर दें।
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करीब 20 लाख की आबादी वाले इस शहर को पूरी मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। पानी समस्या को लेकर शहरवासी लगातार प्रशासन को अपनी शिकायत दर्ज करा रहा है।
पानी समस्या को लेकर लोगों में बनी ऊहापोह की स्थिति को जानने के लिए अमर उजाला ने बुधवार को बसई ट्रीटमेंट प्लांट और धनकोट में गुडग़ांव वाटर कैनाल(जीडब्ल्यूसी) का दौराकर स्थिति का जायजा लिया। पेश है संवाददाता की रिपोर्ट।
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मुनक से पानी बंद होने पर घटाई पानी की आपूर्ति
गुडग़ांव शहर में घरों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था नहरी पानी पर आधारित है। गुडग़ांव वाटर कैनाल के माध्यम से यहां के बसई और चांदू बुढ़ेड़ा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में वाटर ट्रीट कर बूस्टिंग स्टेशनों पर भेजा जाता है, जहां से विभिन्न इलाकों में पानी की आपूर्ति की व्यवस्था है।
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जाट आंदोलन के दौरान मुनक गांव से गुडग़ांव वाटर कैनाल तक आने वाले पानी की आपूर्ति बंद किए जाने के बाद से हुडा प्रशासन की परेशानी बढ़ गई। हुडा व नगर निगम प्रशासन ने नहर में पानी न आने की स्थिति में बूस्टिंग स्टेशनों से शहरवासियों को पानी की आपूर्ति कम करनी शुरू कर दी है। जरूरत के अनुसार पानी न मिलने से लोगों की भी परेशानी बढ़ गई। कम पानी आने से लोगों के रोजमर्रा के काम भी अटकने लगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार रोजाना विभिन्न इलाकों से पानी की आपूर्ति को लेकर सैकडो शिकायतें आ रही हैं।
आपूर्ति घटकर 15 एमजीडी हुई
आम दिनों में रोजाना करीब 55 एमजीडी पानी की आपूर्ति शहरवासियों को की जाती है। लेकिन अब यह आपूर्ति घटकर 15 एमजीडी पर आ गई है। जरूरत के अनुसार पानी न मिलने के कारण लोग पूरी तरह से पानी का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। रोजमर्रा के कामों पर पानी की कमी का असर साफ दिख रहा है। लोग परेशान हैं। यहां तक आंदोलन के दौरान तो कुछ लोग ट्रीटमेंट प्लांट पर भी पहुंच गए थे।
कई इलाकों से आ रही शिकायतें
शहर के अलग-अलग हिस्सों से हुडा व नगर निगम अधिकारियों के पास पानी की समस्या को लेकर शिकायतें आ रही हैं। नया गुडग़ांव के कई इलाकों के अलावा सेक्टर 5, 14, 22, 23, अंसल प्लाजा की ओर से शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। ट्रीटमेंट प्लांट के स्टोर में में मंगलवार को केवल 30 एमजीडी पानी ही बचा है। पानी का दुरूपयोग न हो और लोगों की अधिक परेशानी न बढ़े, इसे ध्यान में रखकर पानी की आपूर्ति केवल रात में ही की जा रही है, जिनके पास स्टोरेज की व्यस्था है, वह अपना काम निपटा पा रहे हैं, जबकि अन्यों की समस्या बढ़ गई है।
बसई ट्रीटमेंट प्लांट पर पुलिस का पहरा
पानी की कमी को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी अनहोनी को ध्यान में रखकर बसई ट्रीटमेंट प्लांट पर पुलिस का पहरा बैठा दिया है। एक पुलिस जिप्सी के साथ ही यहां पर 8-10 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ताकि लोग पानी की समस्या को लेकर प्लांट पर जाकर कोई हंगामा न खड़ा कर दें।