जंतर-मंतर भड़काऊ नारा केस: अश्विनी उपाध्याय समेत चार आरोपियों को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, दो अन्य की पुलिस कस्टडी
अश्विनी उपाध्याय समेत कुल छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद कुछ लोग इनके समर्थन में कनॉट प्लेस थाने के बाहर प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों में कुछ महिलाएं भी थीं।
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राजधानी दिल्ली में आठ अगस्त को भारत जोड़ो आंदोलन कार्यक्रम के दौरान जंतर-मंतर पर हुई भड़काऊ नारेबाजी के मामले में वकील अश्विनी उपाध्याय समेत चार आरोपियों को अदालत ने दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि 2 अन्य आरोपियों को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। आरोप है कि इनके कार्यक्रम में एक धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ नारेबाजी हुई। जिसका वीडियो वायरल हो गया।
इस संबंध में सोमवार को कनॉट प्लेस थाने में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। सोमवार देर रात को पूछताछ के लिए अश्वनी उपाध्याय समेत बाकी लोगों को थाने बुलाया गया। कई घंटे चली पूछताछ के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने मंगलवार दोपहर इनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी। मामले में अपराध शाखा ने भी कुछ आरोपियों से पूछताछ की। आरोपियों से पूछताछ के बाद इनको कनॉट प्लेस पुलिस के हवाले कर दिया गया। इनसे पूछताछ कर मामले की छानबीन जारी है।
पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान भाजपा के पूर्व प्रवक्ता व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय, प्रीत सिंह, दीपक सिंह, दीपक कुमार, विनोद शर्मा और विनीत बाजपेयी हैं। प्रीत सिंह सेव इंडिया फाउंडेशन का निदेशक है। इस फाउंडेशन के बैनर तले ही आठ अगस्त को जंतर-मंतर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इन सभी की गिरफ्तारी के बाद लगातार आरोपियों से पूछताछ जारी है।
मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुरूआत में यहां पर करीब 50 लोग इकट्ठा हुए थे। इसके बाद धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती चली गई। कुछ देर बाद यहां सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए।
इन लोगों ने यहां एक धर्म विशेष के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग कर आपत्तिजनक टिप्पणियां की। उसी दिन इसका वीडियो वायरल हो गया। जिसके बाद कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने इस संबंध में नफरत फैलाने व सरकारी आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस को अभी कई अन्य लोगों की तलाश है।
देर रात को अश्वनी उपाध्याय पहुंचे थे कनॉट प्लेस थाने...
नारेबाजी के मामले में नई दिल्ली जिले के कनॉट प्लेस में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने अश्वनी उपाध्याय को पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा। अश्वनी खुद को बेकसूर बताकर इन नारेबाजी से पल्ला झाड़ने लगे। अश्वनी का कहना था कि उनकी मौजूदगी में ऐसा कुछ नहीं हुआ। देर रात 3 बजे अश्वनी कनॉट प्लेस थाने पहुंचे और पूछताछ में शामिल हुए। उधर अपराध शाखा ने मामले में दीपक सिंह व दीपक कुमार से पूछताछ की। सभी आरोपियों से करीब छह घंटे पूछताछ की। जांच के बाद सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अश्वनी ने आगे जांच में पूरा सहयोग करने की बात की है।
पुलिस को मामले में कई अन्यों की तलाश...
जंतर-मंतर पर हुई नारेबाजी के मामले में पुलिस को कई अन्य आरोपियों की तलाश है। इनमें पिंकी चौधरी भी शामिल है। पिंकी पर भी नारेबाजी करने का आरोप है। वर्ष 2020 में जेएनयू में हुए बवाल में पिंकी चौधरी ने हमला करने की जिम्मेदारी ली थी। पिंकी पर गाजियाबाद में केजवरीवाल पर हमला करने का आरोप है। नारेबाजी के बाद पिंकी ने खुद के जंतर-मंतर पर होने की बात की थी। पिंकी ने नारेबाजी करने की बात से इनकार किया है। पिंकी ने स्वीकार किया है कि उनके कहने पर ही हिंदू संगठन के लोग वहां पहुंचे थे।
कनॉट प्लेस थाने के बाहर हंगामा, सड़क पर जाम...
अश्वनी उपाध्याय समेत बाकी लोगों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही भारी संख्या में लोग कनॉट प्लेस थाने के बाहर इकट्ठा हो गए। इन लोगों ने थाने के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। दोपहर करीब एक बजे भीड़ अचानक थाने में दाखिल हो गई। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को थाने से बाहर निकाला। इन लोगों का कहना था कि गिरफ्तार किए गए बाकी लोगों के साथ उनको भी गिरफ्तार किया जाए या उनको रिहा किया जाए। बाद में भीड़ ने बाबा खड़क सिंह मार्ग पर आकर जाम लगा दिया। समझाने-बुझाने पर भीड़ नहीं हटी तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद भीड़ को खदेड़ दिया गया।