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दिल्लीः इस बार बाजारों में जन्माष्टमी की धूम, मंदिरों में रौनक नहीं
Tue, 11 Aug 2020 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 11 Aug 2020 05:41 AM IST
सार
- आज और कल दो दिन जन्माष्टमी, कोरोना वायरस के खतरे के चलते अधिकतर मंदिरों में शद्धालुओं के आने पर मनाही
- सोमवार को गुलजार दिखे राजधानी के बाजार, बाल गोपाल की पोशाकें, बांसुरी, झूले और मूर्तियां खरीदकर ले गए लोग
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बिरला मंदिर...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर मार्ग स्थित सुप्रसिद्ध लक्ष्मी-नारायण बिरला मंदिर हफ्ते भर पहले से रोशनी में नहा उठता था लेकिन इस बार जन्माष्टमी से एक दिन पहले तक यहां सन्नाटा पसरा है। कोविड-19 के खतरे के चलते यहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की कोई खास तैयारी नहीं हुई है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि 12 अगस्त को यहां केवल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व की औपचारिकता भर पूरी की जाएगी।
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इस बार कोरोना वायरस महामारी के कारण राजधानी में इस्कॉन मंदिरों को छोड़कर अन्य बड़े मंदिरों में बड़े आयोजन नहीं हो रहे हैं। रोहिणी, पंजाबी बाग, लाजपत नगर और चांदनी चौक स्थित इस्कॉन मंदिरों में भी जन्माष्टमी के दिन आम भक्तों को जाने पर मनाही है। लक्ष्मी-नारायण बिरला मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की झांकियां पूरी दिल्ली में प्रसिद्ध हैं। इस बार यहां का आकर्षण गायब है।
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छोटे-बड़े मंदिरों में जन्माष्टमी का उत्सव होगा, लेकिन इस साल पहले जैसी रौनक नहीं होगी। जनकपुरी के गौड़िया मठ में भव्य जन्माष्टमी होती है। इस साल श्रद्धालुओं को यहां आने से मना किया गया है। रात को कन्हैया के जन्म की आरती का फेसबुक और यूट्यूब पर लाइव प्रसारण होगा। इसके अलावा झंडेवालान मंदिर, तिलक नगर के सात मंजिला सनातन धर्म मंदिर में भी सामान्य तैयारियां ही हैं।
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इस बार दो दिन है जन्माष्टमी पर्व
इस साल 11 और 12 अगस्त दोनों दिन जन्माष्टमी मनाई जाएगी। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इस दिन श्रद्धालु उपवास के साथ भजन-कीर्तन व विधि-विधान से पूजन करते हैं। इस बार 11 अगस्त को सुबह से ही अष्टमी तिथि लग जाएगी, जो 12 अगस्त को सुबह 11 बजे तक रहेगी। लेकिन रोहिणी नक्षत्र 13 अगस्त को लग रहा है। ऐसे में लोग 11 और 12 अगस्त को दो दिन जन्माष्टमी मना रहे हैं।
कल बाजारों में दिखी रौनक
जन्माष्टमी के उत्सव से पहले बाजार में हल्की रौनक दिखाई दी। रोहिणी, शालीमार बाग, मोतीनगर, राजौरी गार्डेन, पालम, लाजपत नगर, मयूर विहार, नंद नगरी के बाजारों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए पूजा और सजावट के सामान खरीदे गए। नंदनगरी की स्ट्रीट मार्केट में बाल गोपाल की पोशाकें, मूर्तियां, बांसुरी, सजावट के सामान लोग खरीदकर घर ले गए। छोटे बच्चों के लिए 500 से 1000 रुपए में बाल गोपाल पोशाकें, 300 से 750 रुपए तक के झूले, अलग-अलग कीमतों की बांसुरी और मूर्तियां भी लोग खरीदकर ले गए।