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Delhi : ‘बड़ी है अयोध्या’ प्रदर्शनी का उद्घाटन, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा- रामनगरी हमारी पहचान
Sat, 12 Apr 2025 02:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 12 Apr 2025 02:13 AM IST
सार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि 22 जनवरी 2024 को श्री राम जन्मभूमि मंदिर का उद्घाटन हुआ। ये तिथि एक ऐसा सेतु बनी, जिसने अतीत को वर्तमान से जोड़ने का काम किया।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
- फोटो : डीपीआईआर, जम्मू कश्मीर
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विस्तार
अयोध्या हमारी सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। राष्ट्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधार है। हजारों वर्षों से इस नगरी ने हमारी राष्ट्रीय पहचान और पूरे समाज को जोड़े रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अयोध्या हमारी प्रेरक शक्ति है। ये बात जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आईजीएनसीए में आयोजित ‘बड़ी है अयोध्या’ नामक प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में कही।
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यहां शुक्रवार को मर्यादा पुरुषोत्तम राम पर आधारित पद्मश्री वासुदेव कामत के चित्रों की प्रदर्शनी, वाल्मीकि रामायण पर आधारित पहाड़ी लघुचित्र प्रदर्शनी और चौरासी कोसी अयोध्या के तीर्थस्थल पर आधारित ‘बड़ी है अयोध्या’ प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ ही तीन दिवसीय ‘अयोध्या पर्व’ का शुभारंभ किया गया। इसमें जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, अयोध्या के मणिरामदास छावनी के महंत कमल नयन दासजी महाराज, गीता मनीषी महामंडलेश्वर ज्ञानानंदजी महाराज, आईजीएनसीए के अध्यक्ष राम बहादुर राय, आईजीएनसीए के ट्रस्टी वासुदेव कामत अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि 22 जनवरी 2024 को श्री राम जन्मभूमि मंदिर का उद्घाटन हुआ। ये तिथि एक ऐसा सेतु बनी, जिसने अतीत को वर्तमान से जोड़ने का काम किया। ये एक प्राचीन शहर और तीर्थ स्थल का पुनरुत्थान नहीं है, बल्कि सदियों के भारत ने एक आध्यात्मिक जागृति का अनुभव किया है। अयोध्या का महत्त्व भूगोल से परे है। अयोध्या आनंद और जागृति की कुंजी है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अयोध्या जाकर अध्यात्म के स्वर्णिम शिखर को देखें और व्यक्तिगत मूल्यों व आकांक्षाओं के मूल्य को जरूर समझें।
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उद्घाटन सत्र के दौरान अतिथियों ने तीन पुस्तकों का विमोचन किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शृंखला में राजकुमार झा और उनके साथी कलाकार विनोद व्यास व पंकज ने मृदंग वादन से समा बांध दिया। प्रज्ञा पाठक, विनोद व्यास, साकेत शरण मिश्र व उनके साथी कलाकारों ने अपने भजन गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।