{"_id":"5e1efcc48ebc3e4b17266035","slug":"jamia-millia-islamia-student-protest-againt-police-action-in-university-campus","type":"story","status":"publish","title_hn":"आइशी घोष के विवादित बोल, इस लड़ाई में हम कश्मीर को पीछे नहीं छोड़ सकते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आइशी घोष के विवादित बोल, इस लड़ाई में हम कश्मीर को पीछे नहीं छोड़ सकते
Wed, 15 Jan 2020 07:04 PM IST
Abhishek Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Wed, 15 Jan 2020 07:04 PM IST
विज्ञापन
आइशी घोषी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएए और एनआरसी का विरोध करने बुधवार को जामिया मिल्लिया पहुंची जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने कश्मीर को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर को भूलकर हम अपना आंदोलन नहीं जीत सकते। संविधान के साथ छेड़छाड़ की शुरूआत कश्मीर से ही शुरू हुई। ये कश्मीर के हक की लड़ाई है। हम इससे पीछे नहीं हट सकते हैं। वहां जो लोगों के साथ हो रहा है। वह गलत हो रहा है। हर मंच से हम उनके हक की बात करेंगे।
विज्ञापन
आइशी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही पूरे देश के लोग उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं। लगातार संविधान को बदलने की कोशिश की जा रही है। वह इसको कभी कामयाब नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बुधवार को चलो जामिया नाम से छात्रों को बुलाने का आह्वान किया गया था। उसमें हिस्सा लेने के लिए आइशी घोष जामिया पहुंची थी। आइशी ने कहा कि जितना यह देश नेहरू और गांधी का है, उतना ती यह देश मौलाना अबुल कलाम आजाद अशफाक उल्लाह खान का भी है। हमें सावरकर और गोलवरकर का इतिहास नहीं पढ़ना है, इन्होंने अंग्रेजों से माफी मांगी थी। हमें राम प्रसाद बिस्मिल, भगतसिंह और अशफाक उल्लाह खान जैसे लोगों का इतिहास को पढ़ना है।
विज्ञापन
आइशी ने जेएनयू कैंपस में हुए बवाल के मामले में कहा कि वह पिछले 70 दिनों से शांति पूर्वक कैंपस में प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन कुछ गुंडों ने हॉस्टल और कैंपस में घुसकर पुलिस की मिली भगत से लेफ्ट छात्रों को चुनचुनकर पीटा। कुछ को तो बालकनी से फेंक तक दिया गया। पुलिस के खिलाफ भी कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। आइशी ने कहा कि वह अपनी लड़ाई लगातार जारी रखेंगे। वह जामिया और एएमयू के साथ हैं।