Delhi: जेल में बंद आप नेता सत्येंद्र जैन की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में कराया गया भर्ती
जेल में बंद आप नेता सत्येंद्र जैन की तबीयत बिगड़ने की शिकायत के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल लाया गया।
विस्तार
'35 किलोग्राम कम हो गया वजन'Delhi | Jailed AAP leader Satyendar Jain brought to Safdarjung Hospital after he complained of deterioration in health. Details awaited. pic.twitter.com/i6D7plxkIz
— ANI (@ANI) May 22, 2023विज्ञापन
उच्चतम न्यायालय ने धनशोधन के मामले में 18 मई को दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने ईडी को नोटिस जारी किया और जैन को राहत के लिए अवकाशकालीन पीठ के समक्ष जाने की छूट दी। जैन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि पूर्व मंत्री का वजन 35 किलोग्राम कम हो गया है और वह एक तरह से कंकाल बन गए हैं। वह कई बीमारियों से भी पीड़ित हैं।
केजरीवाल ने ईश्वर से अच्छे स्वास्थ्य की कामना की
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर के जरिए कहा कि सत्येंद्र जैन के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। भाजपा सरकार के इस अहंकार और ज़ुल्म को दिल्ली और देश के लोग अच्छे से देख रहे हैं। भगवान भी इन अत्याचारियों को कभी माफ नहीं करेंगे। इस संघर्ष में जनता हमारे साथ है, ईश्वर हमारे साथ हैं, हम सरदार भगत सिंह जी के चेले हैं। जुल्म, अन्याय और तानाशाही के खिलाफ हमारी ये लड़ाई जारी रहेगी।
सत्येंद्र जैन जी के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 22, 2023
बीजेपी सरकार के इस अहंकार और ज़ुल्म को दिल्ली और देश के लोग अच्छे से देख रहे हैं। भगवान भी इन अत्याचारियों को कभी माफ़ नहीं करेंगे।
इस संघर्ष में जनता हमारे साथ है, ईश्वर हमारे साथ हैं, हम सरदार भगत… https://t.co/addONAMyig
सत्येंद्र जैन ने 11 मई को एक पत्र के जरिए अधीक्षक से अधिक कैदियों के साथ रहने का अनुरोध किया था और अपने पत्र में अकेलेपन के कारण डिप्रेशन और अधिक सामाजिक संपर्क की आवश्यकता का हवाला दिया था। इस चिट्ठी में लिखा था कि वो काफी अकेलापन महसूस कर रहे हैं, और मनोचिकित्सक ने उन्हें अकेला नहीं रहने की सलाह दी है।
सत्येंद्र जैन के चिट्ठी लिखने के बाद जेल संख्या-7 के सुपरिटेंडेंट ने उनके सेल में दो कैदियों को ट्रांसफर भी किया था, लेकिन जैसे ही तिहाड़ जेल के प्रशासन को इस बात की जानकारी हुई थी तो तुरंत ही उन दोनों कैदियों को वापस भेज दिया गया था और इसी के साथ ही जेल नम्बर-7 के सुपरिटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। जिसके बाद सुपरिटेंडेंट का तबादला भी कर दिया गया था।