जहांगीरपुरी बवाल: चार दिन पहले चली थीं जहां गोलियां, आज गलियों में बजेगी शहनाई, पढ़ें- दुल्हन के पिता की ये बातें
सड़कों पर बैरिकेडिंग और चप्पे-चप्पे पर पुलिस कर्मियों की तैनाती के बीच बरात के स्वागत की तैयारी में मिठाईयां तैयार हो रही हैं। मौजूदा माहौल में शादी के एक दिन पहले घर पर उत्सव का माहौल है तो सड़कों पर पुलिस का पहरा।
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महज चार दिन पहले जहांगीरपुरी में हुए बवाल में जहां गोलियां चली बुधवार को जी ब्लॉक की गलियां में शहनाई की गूंज होगी। सड़कों पर बैरिकेडिंग और चप्पे चप्पे पर पुलिस कर्मियों की तैनाती के बीच बरात के स्वागत की तैयारी में मिठाईयां तैयार हो रही हैं। कारोबारी गोपाल अपनी बिटिया की शादी के लिए परिवार के सदस्यों के साथ तैयारी में जुटे हुए हैं।
मौजूदा माहौल में शादी के एक दिन पहले घर पर उत्सव का माहौल है तो सड़कों पर पुलिस का पहरा। रिश्तेदारों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी हैं। राजस्थान के मूल निवासी गोपाल के घर पहुंचने वाले रिश्तेदारों के लिए यह शायद पहला मौका है जब शादी से चंद घंटे पहले पुलिस बैरिकेड्स को पार करते हुए शादी में शरीक होने का मौका मिला।
जहांगीरपुरी की सड़कों पर सुरक्षा इंतजामों को मंगलवार से और पुख्ता किया गया है। बैरिकेड के अंदर प्रवेश की केवल उन्हें ही इजाजत है जो अंदर रहते हैं। ऐसे में बरात के स्वागत के बारे में गोपाल ने कहा कि कुछ दूर पर ही एक बैंक्वेट हॉल में शादी समारोह का आयोजन होगा। इसके लिए दो महीने पहले ही बुकिंग हो चुकी थी। पिता ने कहा कि हालात बिगड़ने के बाद सामान्य होने में थोड़ी परेशानी तो जरूर आ रही हैं, लेकिन इसके लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। घर में पहुंचने वाले रिश्तेदारों को बता दिया गया है कि जहांगीरपुरी के मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों की चप्पे चप्पे पर तैनाती है। लेकिन इस समारोह के थोड़ी रियायत की उम्मीद के साथ शादी की तैयारी में जुटे हुए हैं।
ताऊ मुन्नी लाल ने बताया कि उनका पूरा परिवार पिछले करीब 40ा वर्ष से दिल्ली में रह रहा है। इस घटना के बाद रिश्तेदारों और वर पक्ष को थोड़ी चिंता सता रही थी। लेकिन सभी को हालात के बारे में जानकारी देने के बाद कार के आने जाने के लिए भी दूसरे रास्ते तय किए हैं ताकि कम से कम दिक्कत हो। बरात बाहरी दिल्ली से जहांगीरपुरी के लिए आएगी।
वधू के पिता ने बताया कि घटना के दौरान हुए पथराव और गोलियां चलने के बाद हालात अब धीरे धीरे सामान्य होने लगे हैं। शादी में किसी तरह की परेशानी के बारे में उन्होंने कहा कि यह तो पहले से तय था इसलिए मामूली बदलाव किए जा रहे हैं। बरात के स्वागत में कोई कमी न रहे इसके लिए परिवार के सभी सदस्य और रिश्तेदार जुटे हुए हैं। बकौल गोपाल उनके सामने यह पहली ऐसी घटना है जब दो समुदायों के बीच हिंसा और तनाव की स्थिति बनी। हैरानी जताते हुए कहा कि स्थानीय लोगों में कभी भी मतभेद नहीं दिखा। शादी में किसी तरह की दिक्कत न आए, इसके लिए सभी तैयारियां चल रही हैं।