ऐसे होता था तेंदुओं की खाल तस्करी का काला कारोबार
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पश्चिम यूपी की एसटीएफ ने बुधवार को वन्य जीवों की खाल की तस्करी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से तीन तेंदुओं की खाल बरामद की गई है। ये खाल ग्रेनो में बेचकर नेपाल के रास्ते चीन भेजी जानी थी।
इनकी कीमत भारतीय बाजार में करीब 15 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 30 लाख रुपये है। एसटीएफ ने ये कार्रवाई वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल विभाग के अफसरों के साथ मिलकर की। आरोपियों को कासना कोतवाली क्षेत्र के एल्डिको चौराहे से गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ के एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली थी कि प्रतिबंधित वन्य जीवों का शिकार करने वाले गिरोह के कुछ बदमाश ग्रेटर नोएडा में जानवरों की खाल बेचने के लिए आ रहे हैं।
चीन भेजी जानी थी इन तेंदुओं की खाल
इन्हें ग्रेटर नोएडा से नेपाल के रास्ते चीन भेजा जाना था। इस पर एसपी अजय सहदेव, एसपी राजेश कुमार सिंह, सीओ अनुज चौधरी और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल के अफसरों ने गिरोह के सदस्यों का पीछा किया।
आरोपी एल्डिको गोलचक्कर के पास रुक गए। इससे लगा कि शायद उनका कोई साथी आएगा मगर करीब एक घंटे इंतजार के बाद भी जब कोई नहीं आया और दोनों चल दिए।
उसी वक्त एसटीएफ और कासना पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। उनके कब्जे से तीन तेंदुओं की खाल बरामद हुई हैं। खालों से विदेशों में पर्स, बैग, समेत अन्य काफी कीमती सामान बनाए जाते हैं।
इस मामले से हुए हैं कई खुलासे
चीन में इन जीवों की खाल से घरों की सजावट भी कराई जाती है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपनी पहचान उत्तराखंड के उत्तरकाशी थाना बडकोट के पोंटी निवासी महेश भंडारी और उत्तरकाशी के थाना धरासू के सुनार गांव निवासी बालम सिंह चौहान के रूप में बताई।
एसएसपी ने बताया कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गिरोह के अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। पूछताछ में कुछ अहम खुलासे हुए हैं।
आरोपियों ने बताया कि इन जीवों का शिकार दूसरे लोग करते हैं। वह खाल बेचने के लिए दूसरी पार्टी के पास लाते हैं। ग्रेटर नोएडा में भी दो लोग आने थे लेकिन वे नहीं आए और उन्हें पकड़ लिया गया। आने वाले लोगों को पहचान के तौर पर बस जानवर का नाम लेना था। उसी के बाद तीनों खाल उन्हें सौंप दी जाती और उनका काम खत्म हो जाता। इस काम के लिए उन्हें 25-25 हजार रुपये मिलते।