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Noida : आईटी इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर 34 लाख रुपये ठगे, पुलिस ने 10 लाख वापस कराए

Mon, 25 Nov 2024 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 25 Nov 2024 05:56 AM IST
सार

जालसाजों ने पीड़िता से 34 लाख की ठगी कर ली। इसमें 19 लाख रुपये का लोन करा लिया। महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। रविवार शाम तक पुलिस ने महिला के 10 लाख वापस करा दिए। 

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IT engineer was digitally arrested and defrauded of Rs 34 lakh
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

साइबर जालसाजों ने ईरान भेेजे जा रहे पार्सल में संदिग्ध सामान होने का डर दिखाकर नोएडा की आईटी इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। जालसाजों ने पीड़िता से 34 लाख की ठगी कर ली। इसमें 19 लाख रुपये का लोन करा लिया। महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। रविवार शाम तक पुलिस ने महिला के 10 लाख वापस करा दिए। 

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पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-41 निवासी निधि पालीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को कूरियर कंपनी का कर्मी  बताते हुए निधि के नाम से मुंबई से ईरान पार्सल भेजे जाने की बात कही। कॉलर ने बताया कि पार्सल में एमडीएमए के साथ पांच फर्जी पासपोर्ट, क्रेडिट कार्ड और 900 डॉलर हैं। इसके साथ उनके आधार कार्ड की डिटेल दी गई है। 
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साथ ही उन्हें बताया गया कि इस नेटवर्क के तार मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हुए हैं। इस दौरान कथित रूप से नारकोटिक्स के अधिकारी से निधि की बात कराई गई। बाद में कथित तौर पर साइबर सेल के डीसीपी ने स्काइप कॉल पर बात की। इसने मुंबई आकर सत्यापन कराने के लिए कहा। इसके बाद उन्हें घर में ही डिजिटल अरेस्ट कर लिया। डिजिटल अरेस्ट करने के बाद बदमाशों को स्क्रीन शेयर करने को बोला और उनके अकाउंट को खोलकर उनसे 19 लाख रुपये का प्री अप्रूव्ड लोन पास करा लिया। 
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इसके बाद आरबीआई की जांच के नाम पर पैसे भेजने के लिए कहा। जालसाजों ने इस दौरान मनी लॉंड्रिंग में फंसाने से लेकर धमकी दी गई। साथ ही  सत्यापन के बाद सही पाए जाने पर 34 लाख रुपये वापस करने का आश्वासन दिया। जैसे ही निधि ने जालसाजों के बताए खाते में रकम ट्रांसफर की, वैसे ही संपर्क तोड़ लिया। महिला को साइबर ठगी का अंदेशा हुआ। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में इसकी शिकायत की गई। साइबर थाने की टीम ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने खातों की जांच कर 10 लाख रुपये वापस करा दिए हैंं। मामले की जांच जारी है। 

डिजिटल अरेस्ट की बढ़ी वारदात 
हाल के महीनों में जनपद में डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं बढ़ गई हैं। साइबर जालसाजों के निशाने पर खासकर बुजुर्ग व महिलाएं अधिक हैं। इन घटनाओं में मनी लॉंड्रिंग में शामिल होने का डर दिखाया जा रहा है और पार्सल में ड्रग्स समेत संदिग्ध सामान होने की जानकारी देकर स्काइप के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। नोएडा में डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं में पांच लाख रुपये से दो करोड़ रुपये तक की ठगी की गई है।


क्या है डिजिटल अरेस्ट
डिजिटल अरेस्ट में मोबाइल लैपटॉप से स्काइप पर वीडियो कॉलिंग या अन्य एप के जरिए किसी पर नजर रखी जाती है। उसे डरा धमका कर वीडियो कॉलिंग से दूर नहीं होने दिया जाता है। यानी वीडियो कॉल के जरिए एक तरह से आरोपी को उसके घर में कैद कर दिया जाता है। इस दौरान न तो वह किसी से बात कर सकता है और न कहीं जा सकता है। उसे इतना डरा दिया जाता है कि उससे लाखों रुपये का ट्रांजैक्शन के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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