फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   ISRO Chief Dr. V. Narayanan speaks at IIT Delhi Preparations underway to land humans on Moon by 2047

इसरो प्रमुख का बड़ा एलान: चांद पर उतरेगा भारत का इंसान, समय सीमा भी बताई; बोले- अंतरिक्ष में होगा अपना स्टेशन

Fri, 25 Sep 2026 06:06 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Fri, 25 Sep 2026 06:06 PM IST
सार

इसरो प्रमुख डॉ. वी नारायणन ने बताया कि गगनयान के पहले मानवरहित मिशन की तैयारी चल रही है। भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का पहला मॉड्यूल 2028 तक भेजने की योजना है। जबकि 2035 तक इसके अन्य मॉड्यूल तैयार करने का लक्ष्य है।

विज्ञापन
ISRO Chief Dr. V. Narayanan speaks at IIT Delhi Preparations underway to land humans on Moon by 2047
इसरो प्रमुख डॉ. वी नारायणन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत अब अंतरिक्ष में सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं है बल्कि दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष शक्तियों के साथ कदमताल करने की तैयारी में है। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ देश मानव अंतरिक्ष उड़ान, चंद्रमा से नमूने लाने और चंद्रमा पर मानव उतारने जैसे मिशनों पर काम कर रहा है। यह बाते इसरो प्रमुख डॉ. वी नारायणन ने कहीं।

विज्ञापन

इसरो चीफ ने बताई भविष्य की योजना
वह आईआईटी दिल्ली में इंडियाज स्पेस प्रोग्रामः द चैलेंजेज एंड वे फॉरवर्ड विषय पर आयोजित व्याख्यान में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भारत की अंतरिक्ष यात्रा और भविष्य की योजनाओं को सामने रखा। आईआईटी दिल्ली के साथ सौर पैनल तकनीक और बायोमैकेनिक्स समेत नए क्षेत्रों में इसरो और संस्थान के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई। आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि अंतरिक्ष उन क्षेत्रों में है जहां भारत ने वैश्विक स्तर की स्वदेशी तकनीक विकसित की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

गगनयान से पहले मानवरहित मिशन की तैयारी
वहीं इसरो प्रमुख डॉ. वी नारायणन ने बताया कि गगनयान के पहले मानवरहित मिशन की तैयारी चल रही है। भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का पहला मॉड्यूल 2028 तक भेजने की योजना है। जबकि 2035 तक इसके अन्य मॉड्यूल तैयार करने का लक्ष्य है। चंद्रयान-4 से चंद्र नमूने पृथ्वी पर लाने, शुक्र मिशन और 2040 तक मानव को चंद्रमा पर उतारने की दिशा में भी काम चल रहा है।

विज्ञापन

भारत के निर्माण में योगदान देना लक्ष्य
इसके अलावा 30 हजार किलोग्राम तक भार को लो-अर्थ ऑर्बिट में पहुंचाने वाले अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान और आंशिक रूप से दोबारा उपयोग होने वाले रॉकेट विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ अच्छी नौकरी हासिल करना नहीं बल्कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना होना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed