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म्यांमार के विस्थापित मुसलमानों का ISI से संबंध!

Wed, 06 Aug 2014 07:40 AM IST
Updated Wed, 06 Aug 2014 07:40 AM IST
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ISI's links with Myanmar displaced Muslims!

लश्कर आतंकी जावेद बलूची से संबंध रखने के आरोप में हाल ही में दिल्ली के सरायकाले खां से सुभान की गिरफ्तारी के बाद माहौल अभी सामान्य नहीं हुआ है। उधर, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने मेवात में रह रहे म्यांमार के विस्थापित मुसलमानों पर संदेह की उंगली उठाकर नए सिरे से खलबली मचा दी है।

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एजेंसियों को आशंका है कि इनमें से कई पाकिस्तान के इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के संपर्क में हैं। बता दें कि पिछले डेढ़ वर्ष से सांप्रदायिक दंगे के पीड़ित म्यांमार के करीब 650 लोग नूंह के तावड़ू रोड पर शरण लिए हुए हैं।
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उन्हें पास के गांव के लोगों ने रहने के लिए जमीन दी हुई है, जहां उन्होंने झोपड़ी डाली हुई है। उनमें से कुछ परिवार पुन्हाना के इलाके में भी रहता है। ये मेहनत मजदूरी कर अपना गुजारा करते हैं।

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इन पर आईएसआई की गहरी निगाह

ISI's links with Myanmar displaced Muslims!

जानकारी के अनुसार म्यांमार दंगे में अपना सब कुछ गंवाने के बाद इन मुस्लिम परिवारों, जिन्हें रोहिंग्या मुसलमान कहा जाता है को दिल्ली के चाणक्यपुरी की एक संस्था ने यहां बसाया है।

पहचान के लिए संस्था ने उन्हें पहचान पत्र भी जारी किए हैं। केंद्रीय खुफिया विभाग को आशंका है कि इन लोगों पर आईएसआई की गहरी निगाह है।

खुफिया विभाग के एक अधिकारी की दलील है कि रोहिंग्या मुसलमानों के संगठन रोहिंग्या सॉलिडरिटी ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक सदस्य मौलाना अनवर एवं डॉक्टर यूनुस पर आईएसआई के संपर्क में रहने का आरोप है।

एजेंसियों का मेवात पर फोकस

ISI's links with Myanmar displaced Muslims!

हाल में आतंकियों के मेवात मॉडयूल का भंडाफोड़ हुआ है। इसलिए भी खुफिया एजेंसियां यह जानने में लगी हैं कि जिले के और कितने लोग पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के संपर्क में हैं। हाल ही में गिरफ्तार आतंकी सुभान के बारे में कहा जाता है कि वह मेवात में भर्ती अभियान चला रहा था। इसके चलते भी मेवात पर खुफिया एजेंसियों का फोकस है।

एजेंसियों का यहां तक कहना है कि मौलाना अनवर और डॉक्टर यूनुस मेवात में म्यांमार के मुसलमानों से मिल चुके हैं। दूसरी ओर, प्रदेश की खुफिया एजेंसी और पुसिस इन्हें शक की नजरों से नहीं देखती। इसके एक अधिकारी का कहना है कि इनमें से कुछ लोग चोरी आदि के एक दो आपराधिक वारदातों में पकड़े अवश्य गए हैं, पर उनके आईएसआई या आतंकियों के संपर्क में होने के सबूत नहीं मिले हैं।

मेवात के एसपी सिमरनजीत सिंह के मुताबिक मेवात पुलिस के पास ऐसा कोई इनपुट नहीं है। उनकी ऐसी कोई हरकत भी अब तक सामने नहीं आई है, जिससे किसी तरह का संदेह हो। वहीं, अधिवक्ता नूरूद्दीन नूर के अनुसार खुफिया विभाग के पास क्या जानकारी है, इस बारे में कुछ नहीं कह सकता, लेकिन वे बेहद गरीब और अनपढ़ हैं। उनके पास खाने तक को पैसे नहीं। वे लोकल लोगों के टच में भी नहीं हैं।

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