Delhi: पांच करोड़ की हेरोइन के साथ ईरानी तस्कर गिरफ्तार, अफगानिस्तान से ईरान के रास्ते कर रहा था तस्करी
आरोपी मोहसिन वाहेदी ने खुलासा किया कि अफगानिस्तान से निर्मित और तस्करी की गई हेरोइन की गुणवत्ता भारत में वैध खेती वाले क्षेत्रों में मिलने वाली अफीम से निर्मित हेरोइन की तुलना में अच्छी क्वालिटी की होती है।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की बड़े स्तर पर तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर ईरानी नागरिक व गिरोह के प्रमुख सदस्य मोहसिन वाहेदी को गिरफ्तार किया है। इसके कब्जे से एक किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है। बरामद हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में पांच करोड़ रुपये बताई जा रही है। बरामद हेरोइन अफगानिस्तान से ईरान के रास्ते भारत में तस्करी कर लाई गई है।
स्पेशल सेल के उपायुक्त आलोक कुमार के अनुसार गणतंत्र दिवस समारोह-2024 को देखते हुए स्पेशल सेल/दक्षिणी रेंज में तैनात इंस्पेक्टर पवन कुमार व करमवीर की देखरेख में होटलों के साथ-साथ मॉल आदि में सघन चेकिंग की जा रही थी। सेल में तैनात राम कुमार एक जनवरी को दक्षिण दिल्ली में स्थित होटलों में विदेशियों की जांच कर रहे थे। इस अभियान के दौरान हौज रानी, मालवीय नगर में स्थित सनरूफ रेजीडेंसी की जांच के दौरान ईरानी नागरिक की जांच की गई।
एसीपी वेदप्रकाश की देखरेख में इंस्पेक्टर पवन कुमार व एसआई राम कुमार टीम ने इस विदेशी नागरिक के कब्जे से एक किलो हेरोइन बरामद की। आरोपी ईरानी नागरिक मोहसिन वाहेदी पुत्र मोहम्मद नासेर से पूछताछ के दौरान पता चला है कि वह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ गिरोह का सदस्य है और अफगानिस्तान से संचालित होने वाले ड्रग माफिया हबीब से हेरोइन खरीदता था। वह दिल्ली/एनसीआर में मादक पदार्थों की तस्करी करता था।
अफगानिस्तान से आई हेरोइन की मिलती है अच्छी कीमत
आरोपी मोहसिन वाहेदी ने खुलासा किया कि अफगानिस्तान से निर्मित और तस्करी की गई हेरोइन की गुणवत्ता भारत में वैध खेती वाले क्षेत्रों में मिलने वाली अफीम से निर्मित हेरोइन की तुलना में अच्छी क्वालिटी की होती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ भारत में भी इसकी बहुत मांग है। पिछले पांच-छह वर्षों से यह नया मार्ग दिल्ली से लेकर तेहरान तक देश के अन्य हिस्सों में हेरोइन की तस्करी के लिए प्रमुख बन गया है। हालांकि अफगानिस्तान से लाई गई हेरोइन महंगी है, लेकिन बहुत अच्छी गुणवत्ता वाली है। यह यूपी के बरेली, बदांयू, बाराबंकी, मध्यप्रदेश के मंदसौर और राजस्थान के झालावाड़, छितौडग़ढ़, भवानी मंडी के पारंपरिक क्षेत्रों में कानूनी रूप से उगाई गई अफीम से बनाई जाती है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।