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Delhi NCR News: आईपी के छात्रों को मिला कचरे से रोजगार और कारोबार का मंत्र
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-छात्रों में उद्यमिता को प्रेरित करने के लिए टाई-टॉक के दूसरे संस्करण का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में टाई-टॉक के दूसरे संस्करण का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों को कचरे से रोजगार और कारोबार के अवसर तलाशने का मंत्र दिया गया। कार्यक्रम में उद्यमिता, नवाचार और सतत विकास पर संवाद के लिए पूर्व छात्रों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाया गया।
कार्यक्रम यूनिवर्सिटी एलुमनाई सेल ने यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के टाई क्लब के सहयोग से आयोजित किया। कुलपति डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि स्वच्छता का मतलब केवल सफाई नहीं, बल्कि जिम्मेदार कचरा प्रबंधन, संसाधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा भी है। छात्रों को ऐसे समाधान विकसित करने चाहिए, जिनसे आर्थिक मूल्य के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय लाभ भी मिले। आईपीसीए के संस्थापक निदेशक और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. आशीष जैन ने पर्यावरण क्षेत्र में 23 वर्षों की उद्यमिता यात्रा साझा की। उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण शिक्षा के अनुभव विद्यार्थियों से साझा किए। परियोजना निदेशक डॉ. पंकज अग्रवाल ने बताया कि पूर्व छात्रों को मेंटरशिप, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, शोध और स्टार्टअप सहयोग से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में टाई-टॉक के दूसरे संस्करण का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों को कचरे से रोजगार और कारोबार के अवसर तलाशने का मंत्र दिया गया। कार्यक्रम में उद्यमिता, नवाचार और सतत विकास पर संवाद के लिए पूर्व छात्रों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाया गया।
कार्यक्रम यूनिवर्सिटी एलुमनाई सेल ने यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के टाई क्लब के सहयोग से आयोजित किया। कुलपति डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि स्वच्छता का मतलब केवल सफाई नहीं, बल्कि जिम्मेदार कचरा प्रबंधन, संसाधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा भी है। छात्रों को ऐसे समाधान विकसित करने चाहिए, जिनसे आर्थिक मूल्य के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय लाभ भी मिले। आईपीसीए के संस्थापक निदेशक और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. आशीष जैन ने पर्यावरण क्षेत्र में 23 वर्षों की उद्यमिता यात्रा साझा की। उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण शिक्षा के अनुभव विद्यार्थियों से साझा किए। परियोजना निदेशक डॉ. पंकज अग्रवाल ने बताया कि पूर्व छात्रों को मेंटरशिप, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, शोध और स्टार्टअप सहयोग से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है।
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