छात्र जीवन सीखने, मेहनत करने और अपने व्यक्तित्व को निखारने का महत्वपूर्ण समय है। इस दौर में पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य और अच्छे आचरण पर ध्यान देना भी जरूरी है। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन, दोनों मिलकर जीवन को संतुलित बनाते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम को शामिल करना चाहिए। व्यायाम शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के साथ ऊर्जा और कार्यक्षमता बढ़ाने में भी सहायक होता है। इसी तरह स्वस्थ मन के लिए सदाचार का पालन आवश्यक है। अच्छे विचार, अनुशासन, ईमानदारी, संयम और दूसरों के प्रति सम्मान व्यक्ति के चरित्र को मजबूत बनाते हैं। केवल शिक्षा प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ अच्छे संस्कार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी जरूरी है। व्यायाम और सदाचार को जीवन का नियमित हिस्सा बनाकर विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं। यही आदतें उन्हें जिम्मेदार और सफल नागरिक बनने की दिशा में ले जाती हैं। -सिराजुद्दीन, टीजीटी, नैचुरल साइंस, आरएसबीवी, वेस्ट विनोद नगर