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Delhi NCR News: आईपी कॉलेज में मासिक धर्म स्वास्थ्य पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू
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- यूनेस्को के सहयोग से शुरू कार्यक्रम, जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज ने मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर एक नई पहल करते हुए “एम्पॉवर फ्लो: स्पॉटलाइट रेड” नामक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। यह कोर्स यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के सहयोग से शुरू किया गया है। कॉलेज के अनुसार, इस पहल के साथ वह भारत का पहला संस्थान बन गया है जिसने मासिक धर्म स्वास्थ्य पर औपचारिक शैक्षणिक पाठ्यक्रम शुरू किया है। इस कोर्स का उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़ी रूढ़ियों और जानकारी की कमी को दूर करना है, ताकि छात्राएं इस विषय पर जागरूक और संवेदनशील बन सकें।
कार्यक्रम में भारतीय स्त्री शक्ति की उपाध्यक्ष नयना सहस्रबुद्धे उपस्थित रही। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वीडन से लीना बैकर और जॉयस पोअन(शिक्षा क्षेत्र प्रमुख यूनेस्को नई दिल्ली) उपस्थित रहीं। यूनेस्को नई दिल्ली की डॉ. हुमा मसूद भी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुई। इस दौरान कॉलेज की प्राचार्य पूनम कुमरिया ने कहा कि मासिक धर्म को लेकर जागरूकता और संसाधनों की कमी आज भी कई छात्राओं की शिक्षा में बाधा बनती है। ऐसे में यह कोर्स उन्हें सही जानकारी और आत्मविश्वास प्रदान करेगा। विशेषज्ञों ने इस पहल को लैंगिक समानता और युवा सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि मासिक धर्म को एक सामान्य जैविक प्रक्रिया मानते हुए इस पर खुलकर चर्चा करना जरूरी है, ताकि समाज में इससे जुड़े मिथक और संकोच खत्म हो सकें।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज ने मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर एक नई पहल करते हुए “एम्पॉवर फ्लो: स्पॉटलाइट रेड” नामक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। यह कोर्स यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के सहयोग से शुरू किया गया है। कॉलेज के अनुसार, इस पहल के साथ वह भारत का पहला संस्थान बन गया है जिसने मासिक धर्म स्वास्थ्य पर औपचारिक शैक्षणिक पाठ्यक्रम शुरू किया है। इस कोर्स का उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़ी रूढ़ियों और जानकारी की कमी को दूर करना है, ताकि छात्राएं इस विषय पर जागरूक और संवेदनशील बन सकें।
कार्यक्रम में भारतीय स्त्री शक्ति की उपाध्यक्ष नयना सहस्रबुद्धे उपस्थित रही। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वीडन से लीना बैकर और जॉयस पोअन(शिक्षा क्षेत्र प्रमुख यूनेस्को नई दिल्ली) उपस्थित रहीं। यूनेस्को नई दिल्ली की डॉ. हुमा मसूद भी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुई। इस दौरान कॉलेज की प्राचार्य पूनम कुमरिया ने कहा कि मासिक धर्म को लेकर जागरूकता और संसाधनों की कमी आज भी कई छात्राओं की शिक्षा में बाधा बनती है। ऐसे में यह कोर्स उन्हें सही जानकारी और आत्मविश्वास प्रदान करेगा। विशेषज्ञों ने इस पहल को लैंगिक समानता और युवा सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि मासिक धर्म को एक सामान्य जैविक प्रक्रिया मानते हुए इस पर खुलकर चर्चा करना जरूरी है, ताकि समाज में इससे जुड़े मिथक और संकोच खत्म हो सकें।
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