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हार पर भाजपा में मंथन जारी, प्रदेश कार्यालय में हुई मैराथन बैठक
Sat, 15 Feb 2020 04:54 AM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 15 Feb 2020 04:54 AM IST
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भाजपा
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा के लिए दिल्ली प्रदेश भाजपा ने शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय में मैराथन बैठक की। इसमें संगठन और प्रचार अभियान की खामियों पर विस्तार से चर्चा हुई। भाजपा नेताओं ने जोर दिया कि भाजपा अपने प्रचार अभियान को कारगर तरीके से लोगों के बीच नहीं ले जा सकी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह व अनिल जैन और दिल्ली इकाई के संगठन सचिव सिद्धार्थन मौजूद थे।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि बैठक के शुरुआती दौर में नेताओं ने माना कि पार्टी दिल्ली सरकार की मुफ्त सेवाओं व शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन से सही तरीके से नहीं निपट सकी। चुनाव प्रचार के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने शाहीन बाग के मसले को जोर-शोर से उठाया, लेकिन इसी दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी कहा गया। साथ ही लोगों से गोली मारने के नारे भी लगवाए गए। इससे चुनाव में फायदा मिलने की जगह नुकसान मिला। दूसरी तरफ कुछ नेताओं ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली सरकार की मुफ्त सेवाओं पर कोई ठोस स्टैंड नहीं लिया। इससे निपटने के लिए भाजपा ने कोई रणनीति नहीं बनाई।
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा विस्तारकों ने कहा कि दिल्ली चुनाव के आगाज होने से पहले शुरुआत में भाजपा ने योजना बनाई थी कि पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन जैसी सेवाओं में जो सब्सिडी दी जा रही है, उसके लिए एकमुश्त पैकेज तैयार किया जाए। इसे कमजोर वर्ग को दिया जाना था। लेकिन यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। यहां तक कि इसका घोषणा पत्र में जिक्र तक नहीं था। सूत्रों का कहना है कि बैठक में उम्मीदवारों के गलत चयन, जमीनी पर कार्यकर्ताओं की गैर मौजूदगी, स्थानीय अभियान को स्टार प्रचारकों के अभियान से तालमेल से जुड़े मसले भी सामने आए।
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बैठक बताया गया कि उम्मीदवारों की घोषणा में देरी हुई। इससे उम्मीदवारों का कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़ नहीं सके। अंतिम दौर तक रूठना-मनाना चलता रहा। साथ ही इससे प्रचार अभियान को हर घर तक पहुंचाने का समय नहीं मिला। इसके अलावा बड़े नेताओं की भीड़ से उम्मीदवार अपने स्तर पर लोगों के बीच नहीं जा सके। पार्टी नेताओं का कहना है कि समीक्षा बैठकें शनिवार को भी जारी रहेंगी। इसमें उम्मीदवारों व पार्षदों के साथ केंद्रीय नेता हार पर चर्चा करेंगे।
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भाजपा सूत्रों का कहना है कि बैठक के शुरुआती दौर में नेताओं ने माना कि पार्टी दिल्ली सरकार की मुफ्त सेवाओं व शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन से सही तरीके से नहीं निपट सकी। चुनाव प्रचार के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने शाहीन बाग के मसले को जोर-शोर से उठाया, लेकिन इसी दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी कहा गया। साथ ही लोगों से गोली मारने के नारे भी लगवाए गए। इससे चुनाव में फायदा मिलने की जगह नुकसान मिला। दूसरी तरफ कुछ नेताओं ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली सरकार की मुफ्त सेवाओं पर कोई ठोस स्टैंड नहीं लिया। इससे निपटने के लिए भाजपा ने कोई रणनीति नहीं बनाई।
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सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा विस्तारकों ने कहा कि दिल्ली चुनाव के आगाज होने से पहले शुरुआत में भाजपा ने योजना बनाई थी कि पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन जैसी सेवाओं में जो सब्सिडी दी जा रही है, उसके लिए एकमुश्त पैकेज तैयार किया जाए। इसे कमजोर वर्ग को दिया जाना था। लेकिन यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। यहां तक कि इसका घोषणा पत्र में जिक्र तक नहीं था। सूत्रों का कहना है कि बैठक में उम्मीदवारों के गलत चयन, जमीनी पर कार्यकर्ताओं की गैर मौजूदगी, स्थानीय अभियान को स्टार प्रचारकों के अभियान से तालमेल से जुड़े मसले भी सामने आए।
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बैठक बताया गया कि उम्मीदवारों की घोषणा में देरी हुई। इससे उम्मीदवारों का कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़ नहीं सके। अंतिम दौर तक रूठना-मनाना चलता रहा। साथ ही इससे प्रचार अभियान को हर घर तक पहुंचाने का समय नहीं मिला। इसके अलावा बड़े नेताओं की भीड़ से उम्मीदवार अपने स्तर पर लोगों के बीच नहीं जा सके। पार्टी नेताओं का कहना है कि समीक्षा बैठकें शनिवार को भी जारी रहेंगी। इसमें उम्मीदवारों व पार्षदों के साथ केंद्रीय नेता हार पर चर्चा करेंगे।