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Cyber Crime: बीटेक, एमबीए व साइबर सुरक्षा डिप्लोमा होल्डर बने साइबर ठग, कंबोडिया से जुड़े तार, आठ गिरफ्तार
Wed, 20 May 2026 12:29 PM IST
Vijay Singh Pundir
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Wed, 20 May 2026 12:29 PM IST
सार
दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बेरोजगारी का आलम कहें या पैसे की भूख जिसने बीटेक, एमबीए और साइबर सुरक्षा में डिप्लोमा जैसी शैक्षणिक योग्यता रखने वाले युवकों को साइबर ठग बना दिया। दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें हरमनजोत सिंह, कैसर मसूदी(मोहाली), अभिषेक (पानीपत), मोहम्मद जाहिद और आमिर मलिक (दिल्ली) और मध्यप्रदेश निवासी अमरजीत अहिरवार, आलोक शर्मा और अनंत पांडे के रूप में हुई है। आरोपियों पर ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से 24 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है।
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दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में छापेमारी की और आठ मोबाइल फोन और बैंकिंग रिकॉर्ड बरामद किए हैं। आरोपी ‘म्यूल’ (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खाते संचालित करते थे और धोखाधड़ी के माध्यम से प्राप्त धन को विदेश में बैठे साइबर जालसाजों तक पहुंचाते थे। इनका संबंध कंबोडिया में मौजूद कुछ लोगों से भी था।
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पुलिस उपायुक्त गोयल ने बताया पांडे व्हाट्सऐप के माध्यम से विदेशी आकाओं के साथ सीधे संपर्क में था और भारत में ‘म्यूल’ बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों तथा कंबोडिया से जुड़े विदेशी साइबर धोखाधड़ी गिरोहों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करता था। शिकायतकर्ता को एक सोशल मीडिया समूह में जोड़ा गया था, जहां शेयर बाजार विशेषज्ञ बनकर ठगों ने सदस्यों को एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने बताया कि योजना को असली समझकर आरोपियों के बताए हुए खातों में 24 लाख रुपये भेज दिए। बाद में ठगी का पता चलने पर 20 मार्च को प्राथमिकी दर्ज कराई। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज इन ‘म्यूल’ खातों से जुड़ी 60 से अधिक शिकायतों पर जांच जारी है और मात्र 14 दिन के भीतर लगभग 4.5 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है।
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आरोपी ऐसे करते थे ठगी
पीड़ितों से व्हाटसएप ग्रुप के जरिये संपर्क किया जाता था, जिन्हें विदेशी नंबरों (ज्यादातर कंबोडिया के) से चलाया जाता था। उन्हें नकली मुनाफा दिखाकर फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफार्म में निवेश करने के लिए उकसाया जाता था। आरोपियों ने अलग-अलग बैंकों में फर्जी कंपनियां और चालू खाते खोले, और इन म्यूल खातों (धोखाधड़ी के पैसे को घुमाने के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) को अलग-अलग गिरोहों को मुहैया कराया।
दो आरोपियों ने बीटेक किया है
मोहाली, पंजाब निवासी हरमनजोत सिंह ने साइबर सिक्योरिटी में डिप्लोमा, कैसर मसूदी ने एमबीए, पानीपत, हरियाणा निवासी अभिषेक ने बीकॉम जबलपुर, मध्य प्रदेश निवासी आलोक शर्मा ने बीटेक और रीवा मध्यप्रदेश निवासी अनंत पांडे ने भी बीटेक किया हुआ है।