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Delhi NCR News: स्वास्थ्य संगोष्ठी में थैलेसीमिया और स्वस्थ जीवनशैली पर दी जानकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एज वेल एसोसिएशन ने द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल के सहयोग से अस्पताल के सभागार में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य संगोष्ठी का आयोजन किया। इसमें बुजुर्गों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
डॉ. प्रतिभा धीमान ने थैलेसीमिया विषय पर अपनी बात रखते हुए बताया कि यह एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण को प्रभावित करता है। यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में वंशानुगत रूप से पहुंचती है और इसका संबंध संक्रमण या खानपान से नहीं होता। उन्होंने रोग के लक्षण, जांच, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
दूसरे सत्र में डॉ.अंकित तुटेजा ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामान्य स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सप्ताह में 150 से 300 मिनट तक तेज चलने, साइकिल चलाने या अन्य शारीरिक गतिविधियां करने की सलाह दी।
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डॉ. तुटेजा ने मानसिक स्वास्थ्य को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अकेलापन बुजुर्गों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बन सकता है। उन्होंने दृष्टि और श्रवण शक्ति की नियमित जांच कराने व हर वर्ष स्वास्थ्य परीक्षण करवाने पर जोर दिया।
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नई दिल्ली। एज वेल एसोसिएशन ने द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल के सहयोग से अस्पताल के सभागार में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य संगोष्ठी का आयोजन किया। इसमें बुजुर्गों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
डॉ. प्रतिभा धीमान ने थैलेसीमिया विषय पर अपनी बात रखते हुए बताया कि यह एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण को प्रभावित करता है। यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में वंशानुगत रूप से पहुंचती है और इसका संबंध संक्रमण या खानपान से नहीं होता। उन्होंने रोग के लक्षण, जांच, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
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दूसरे सत्र में डॉ.अंकित तुटेजा ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामान्य स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सप्ताह में 150 से 300 मिनट तक तेज चलने, साइकिल चलाने या अन्य शारीरिक गतिविधियां करने की सलाह दी।
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डॉ. तुटेजा ने मानसिक स्वास्थ्य को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अकेलापन बुजुर्गों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बन सकता है। उन्होंने दृष्टि और श्रवण शक्ति की नियमित जांच कराने व हर वर्ष स्वास्थ्य परीक्षण करवाने पर जोर दिया।