फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Industrial expansion Harm property gains tax

औद्योगिक विस्तार को क्षति पहुंचा रहा प्रॉपर्टी गेन टैक्स

Sat, 16 Jan 2016 04:50 AM IST
यशलोक सिंह/अमर उजाला, गुड़गांव
यशलोक सिंह/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sat, 16 Jan 2016 04:50 AM IST
विज्ञापन
Industrial expansion Harm property gains tax

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया अभियान को प्रॉपर्टी गेन टैक्स का पलीता लगा रहा है। इसके कारण औद्योगिक विस्तार काफी थम गया है। निवेश भी प्रभावित हुआ है।

विज्ञापन


उद्यमियों का कहना है कि केंद्र सरकार वास्तव में मेक इन इंडिया के सपने को साकार करना चाहती है तो इस बार के आम बजट में प्रॉपर्टी गेन टैक्स को खत्म करना होगा।

विज्ञापन


इसके बाद सिर्फ गुड़गांव और हरियाणा में ही नहीं, देशभर में उद्योगों का विस्तार तेजी से होगा। अकेले गुड़गांव में इस कारण 15 फीसदी उद्योगों का विस्तार अटका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उद्यमियों के मुताबिक, प्रॉपर्टी गेन टैक्स का सबसे नकारात्मक प्रभाव एमएसएमई पर पड़ रहा है। काफी ऐसे लोग हैं, जो अपनी औद्योगिक यूनिट का विस्तार वक्त के साथ तो करना चाहते हैं, पर प्रॉपर्टी गेन टैक्स के कारण उन्हें परेशानी हो रही है।

कॉकरेंट कंट्रोल सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी डीपी गोयल ने कहा कि यह बड़ा मुद्दा है, जो मेक इन इंडिया के रास्ते का बड़ा पत्थर है। गोयल ने कहा कि वह इस टैक्स को हटाने का मुद्दा केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिन्हा के समक्ष उठा चुके हैं।

आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी ने कहा कि प्रॉपर्टी गेन टैक्स से उद्यमी काफी परेशान हैं। मानेसर का एक उद्यमी अपने 1000 वर्गमीटर के औद्योगिक प्लाट को बेचकर 2000 वर्ग मीटर का प्लाट खरीदना चाहता है, मगर वह प्रॉपर्टी गेन टैक्स के डर से इसे नहीं खरीद रहा है।

वह ऐसा करता है तो उसे करीब 50 लाख रुपये का टैक्स चुकाना होगा। त्यागी ने कहा कि ऐसे लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। वहीं कई लोग ऐसे भी हैं, जो अपनी कृषि योग्य भूमि या सेक्टर के प्लाट को बेचकर फैक्टरी लगाना चाहते हैं, सिर्फ इस टैक्स के कारण वह साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 54 में प्रॉपर्टी गेन टैक्स का जिक्र है। कोई व्यक्ति अपनी पुरानी फैक्टरी या औद्योगिक प्लाट, जिसे उसने कभी एक करोड़ रुपये में खरीदा था, को बाद में दो करोड़ रुपये में बेचता है तो उसे एक करोड़ रुपये का लाभ होता है।


इस लाभ का 20 फीसदी हिस्सा यानी 20 लाख रुपये उसे प्रॉपर्टी गेन टैक्स के रूप में चुकाने होंगे। यह टैक्स तब लगता है, जब कोई पुराना औद्योगिक प्लाट या फैक्टरी बेचकर प्लॉट या फैक्टरी खरीदता है। कोई घर बेचकर घर खरीदता है तो उसे इस टैक्स से छूट है। वहीं कोई फैक्टरी बेचकर घर खरीदता है तो उसे भी इस टैक्स से छूट है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed