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Delhi: नरेला, भोरगढ़ और बवाना के औद्योगिक क्षेत्रों का होगा विकास, एलजी ने कोई कार्य नहीं होने पर जताई नाराजगी
Tue, 31 Oct 2023 01:49 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 31 Oct 2023 01:49 AM IST
सार
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार को तीनों क्षेत्रों का दौरा करने के समय दिल्ली राज्य औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकास निगम (डीएसआईआईडीसी), एमसीडी और डीडीए सहित अन्य संबंधित एजेंसियों को यहां बुनियादी ढांचे को व्यापार के अनुकूल बनाने का निर्देश दिया।
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वीके सक्सेना, उपराज्यपाल दिल्ली।
- फोटो : social media
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विस्तार
नरेला, भोरगढ़ और बवाना औद्योगिक क्षेत्रों में अब कोई समस्या नहीं रहेगी। इन तीनों क्षेेत्रों का विकास किया जाएगा। यहां आवश्यक बुनियादी ढांचे काे दुरुस्त किया जाएगा। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार को तीनों क्षेत्रों का दौरा करने के समय दिल्ली राज्य औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकास निगम (डीएसआईआईडीसी), एमसीडी और डीडीए सहित अन्य संबंधित एजेंसियों को यहां बुनियादी ढांचे को व्यापार के अनुकूल बनाने का निर्देश दिया।
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इस मौके पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने यहां पर गत 10 वर्षों से कोई कार्य नहीं होने पर नाराजगी जताई। दरअसल यहां पर 3917 भूखंडों में से कुछ में इकाइयां स्थापित हुई हैं, जबकि वर्ष 1996 में सुप्रीम कोर्ट ने गैर-अनुरूप क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों को औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। इस दौरान उपराज्यपाल को मालूम हुआ कि इन क्षेत्रों में नालियां जाम हैं और उनका उचित रखरखाव नहीं किया गया। यहां तक कि सड़कों और गलियों में भी बड़े पैमाने पर मरम्मत की जरूरत है।
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इसके अलावा यहां स्ट्रीट लाइटें भी अभी तक नहीं लगाई गई हैं। इस पर उपराज्यपाल ने आश्चर्य जताया कि राजधानी के औद्योगिक क्षेत्रों में एफडीआई की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। वहीं उन्होंने निजी बिजली वितरण कंपनी को विशेष रूप से नरेला औद्योगिक क्षेत्र में लटकते तारों को हटाने का निर्देश दिया, जबकि बवाना में उद्यमियों के संगठन ने कई अवैध गतिविधियों और कुछ भूखंड आवंटियों के भवन उपनियमों के उल्लंघन की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि इनके कारण आग या अन्य दुर्घटनाओं की स्थिति में भारी नुकसान हो सकता है।
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उपराज्यपाल ने निरीक्षण के दौरान डीडीए, एमसीडी और अन्य संबंधित अधिकारियों को सफाई, सड़कों की मरम्मत, सीवरेज का काम पूरा करने के लिए 15 नवंबर, 2023 की समय सीमा तय की। नरेला, भोरगढ़ और बवाना औद्योगिक क्षेत्रों में सभी कार्य नहीं करने और बिजली की उपलब्धता तय नहीं करने की स्थिति में 15 नवंबर के बाद कार्रवाई की जाएगी।