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Indian Railways: अब ट्रेनों में भी लगेगा जलसंयंत्र, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और भारतीय रेल की संयुक्त पहल
Tue, 09 Jan 2024 01:09 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 09 Jan 2024 01:09 AM IST
सार
अब यात्रियों को ट्रेन के कोच में भी स्वच्छ, सुरक्षित और मिनरल युक्त पीने का पानी मिलेगा। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और भारतीय रेल के संयुक्त प्रयास से यह पहल की जा रही है। नई दिल्ली से चलने वाली एक ट्रेन के कोच में बतौर पॉयलट प्रोजेक्ट इस तरह का संयंत्र लगाया भी गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सफर के दौरान प्यास बुझाने के लिए अब ट्रेन यात्रियों को बोतल बंद पानी पीने की मजबूरी नहीं होगी और न ही उन्हें ट्रेन प्लेटफार्म पर रुकने का इंतजार होगा। प्लेटफार्म पर स्वच्छ पानी भरने के लिए ना तो उन्हें लाइन में लगने की आवश्यकता होगी और न ही पानी लेते समय ट्रेन छूटने का डर। अब कोच में भी स्वच्छ, सुरक्षित और मिनरल युक्त पीने का पानी मिलेगा।
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दरअसल, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और भारतीय रेल के संयुक्त प्रयास से यह पहल की जा रही है। नई दिल्ली से चलने वाली एक ट्रेन के कोच में बतौर पॉयलट प्रोजेक्ट इस तरह का संयंत्र लगाया भी गया है। इसके बाद अन्य ट्रेनों में लगाया जाएगा।
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इस जल शोधक संयंत्र की क्षमता 60 लीटर प्रति घंटा है और यह संयंत्र रेल यात्रा के दौरान लगातार कार्य करता रहेगा। बैक्टीरिया, वायरस, रेत, मिट्टी के कण, दुर्गंध वाले पानी को यह संयंत्र परिस्कृत करके जल को पीने योग्य बनाएगा। खास बात यह भी है कि इससे एक बूंद जल की बर्बादी नहीं होगी। अन्य फिल्टर वाले संयंत्र की तरह पानी की बर्बादी नहीं होगी। यात्रियों के लिए पूर्ण रूप से मुफ्त सुविधा होगी।
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इस प्रोजेक्ट से जुड़े अरुण कुमार तिवारी व अनंत किशोर का कहना है कि इस संयंत्र से प्राप्त पानी के पीने से पानी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकेगा। प्लास्टिक के बोतल के प्रयोग को भी काफी हद तक न्यूनतम किया जा सकता है।