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बिल्डरों के आवंटन रद्द होने का बढ़ा खतरा

Fri, 09 Oct 2015 04:17 AM IST
अरविंद सिंह/अमर उजाला, नोएडा
अरविंद सिंह/अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 09 Oct 2015 04:17 AM IST
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increased risk on allocation of builders

नोएडा प्राधिकरण से बिल्डरों को हुआ आवंटन रद्द होने का खतरा बढ़ गया है। प्राधिकरण ने भुगतान के लिए 31 अक्तूबर तक का समय दिया है। इसके बाद बिना सूचना आवंटन रद्द करने का निर्णय लिया गया है। बिल्डरों के अलावा अन्य आवंटियों पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये प्राधिकरण का बकाया है। अगर करीब 45 से 50 बिल्डरों के आवंटन रद्द हुए तो करीब 30-35 हजार खरीदार प्रभावित हो सकते हैं।

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नोएडा प्राधिकरण की हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में री-शेड्यूलमेंट प्लान को मंजूरी दी गई है। इसके अनुसार जिन पर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। वे कुल बकाया राशि का 20 फीसदी भुगतान कर बाकी राशि के लिए समय ले सकते हैं। इसी तरह 500 से 1000 करोड़ रुपये वाले बकाएदार 15 फीसदी और 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बकाएदार 10 फीसदी जमा कर यह लाभ पा सकते हैं।
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यह लाभ 31 अक्तूबर से पहले 10 से 20 फीसदी भुगतान कर री-शेड्यूलमेंट प्लान लेने वालों को ही मिलेगा। बोर्ड से इस पर भी मुहर लग गई है कि जो भी बकाएदार 31 अक्तूबर से पहले बकाया किस्त जमा नहीं करेगा, उसका आवंटन उसे सूचना दिए बिना ही रद्द कर दिया जाएगा।
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दरअसल, जमीन आवंटन के एवज में नोएडा प्राधिकरण का 20,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। इसमें सबसे ज्यादा धनराशि बिल्डरों पर ही है। नोएडा से जमीन लेने वाले आधा दर्जन बड़े बिल्डरों पर ही पांच से छह हजार करोड़ रुपये बकाया हैं। प्राधिकरण उन्हें डिफॉल्टर की श्रेणी में डाल देता है, जिनकी तीन किस्तें बाकी रहती हैं।

नोएडा के ज्यादातर बिल्डर इस श्रेणी में आ चुके हैं। इन पर तीन या ज्यादा किस्त का 3000 करोड़ करोड़ रुपये बाकी हो चुका है। प्राधिकरण इन सभी बकाएदारों को भुगतान के लिए कई बार नोटिस भेज चुका है, लेकिन कोई असर नहीं पड़ रहा। इस कारण आखिरी मौका देते हुए 31 अक्तूबर के बाद आवंटन रद्द करने का फैसला लिया है। प्राधिकरण के इस निर्णय से फ्लैट खरीदारों की उलझन बढ़ सकती है।

प्राधिकरण बिल्डरों के किसी भी प्रोजेक्ट को बकाया भुगतान के बिना कंपलीशन देने से पहले ही मना कर चुका है। उधर, मंदी के चलते बिल्डर फिलहाल भुगतान न कर पाने की दुहाई दे रहे हैं। ऐसे में कंपलीशन सर्टिफिकेट मिले बिना हजारों फ्लैट की रजिस्ट्री अटक जाएगी। साथ ही, खरीदारों को पजेशन भी नहीं मिलेगा। प्राधिकरण के मुताबिक, बिल्डरों की मांग पर ही री-शेड्यूलमेंट प्लान लागू किया गया है। अगर अब भी बिल्डर बकाया राशि जमा नहीं करते हैं, तो आवंटन निरस्त करने का ही विकल्प बचेगा।

10 फीसदी भुगतान पर आवंटन

नोएडा प्राधिकरण कुल कीमत का 10 फीसदी जमा करवाकर ग्रुप हाउसिंग भूखंडों का आवंटन कर देता है। बाकी भुगतान 16 छमाही किस्तों में देना होता है, लेकिन बिल्डर पैसा नहीं जमा कर रहे। इसकी वजह रियल एस्टेट में मंदी को बता रहे हैं।


अब तक 11 प्रोजेक्ट को मंजूरी
प्राधिकरण ओखला पक्षी विहार से 10 किलोमीटर के दायरे में अटके प्रोजेक्ट को कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करने में जुट गया है। अब तक करीब 11 प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। इनमें ज्यादातर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं। रजिस्ट्री होते ही इनके खरीदारों को पजेशन मिल जाएगा। पितृपक्ष खत्म होने पर रजिस्ट्री शुरू होने के आसार हैं।

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