गुरुग्राम: महिलाओं के लिए घर में वक्त गुजारना भी बन रहा नई मुसीबत, प्रतिदिन बढ़ रहे घरेलू हिंसा के मामले
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कोरोना संक्रमण के कारण देश लॉकडाउन से अनलॉक-1 तक आ गया, जिसका परिणाम है कि लोगों को ज्यादातर समय मजबूरीवश घर में ही गुजारना पड़ रहा है। ऐसे में घरेलू हिंसा के मामलों में भी वृद्धि हो रही है। गुरुग्राम महिला हेल्पलाइन पर आजकल दिनभर में 75 फीसदी मामले ऐसे ही दर्ज कराए जा रहे हैं।
वहीं, वन स्टॉप सेंटर (सखी) हेल्पलाइन पर चार गुना ज्यादा असहाय महिलाएं आपबीती सुना रही हैं। दरअसल, दर्ज शिकायतों के अनुसार, घरों में पति-पत्नी में मनमुटाव बढ़ते जा रहे हैं। कारण, महिला और पुरुषों का ज्यादा समय घर पर रहना है।
पहले लॉकडाउन फिर अनलॉक-1 की वजह से ज्यादातर लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें 24 घंटे घर में ही रहना पड़ रहा है। इसके अलावा कंपनियां बंद होने के कारण कुछ लोगों की नौकरी भी नहीं है, उनके लिए भी घर में रहना मजबूरी हो गया है।
यह स्थिति पति-पत्नी दोनों की है। ऐसे में हर रोज छोटी-छोटी बातों में नुक्ताचीनी, दुराभाव बड़े मनमुटाव की स्थिति बना रहा है। परेशानियां दोनों की हैं, लेकिन कई बार पति अपना सारा तनाव पत्नियों पर उतार दे रहे हैं। कई बार तो महिलाओं को बुरी तरह पीट दिया गया। अब अधिकतर महिलाएं अपने पति से परेशान होकर ससुराल छोड़कर मायके जाना चाहती हैं।
दहेज उत्पीड़न के मामले हुए कम
गुरुग्राम महिला हेल्पलाइन से पुलिस प्रवक्ता संतोष ने बताया कि इन दिनों दहेज उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले कम आए हैं। वहीं, घरेलू उत्पीड़न के मामलों में हर रोज वृद्धि हो रही है। इन दिनों लॉकडाउन से पहले की अपेक्षा दोगुनी शिकायतों का निपटारा किया गया।
अधिकतर लोगों के घरों में खाली बैठे रहने से मनमुटाव बढ़ा है। इसी वजह से घरेलू हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से कहीं बाहर जाने में असमर्थ महिलाओं पर घरेलू हिंसा संक्रमण की तरह ही बढ़ा है।
वहीं, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासिका पिंकी बताती हैं कि महिलाओं को असहाय समझ उत्पीड़न किया जा रहा है। इसलिए वे हेल्पलाइन से मदद ले रही हैं।