विवेक डोभाल मानहानि मामले में कांग्रेस नेता जयराम रमेश को मिली जमानत
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दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के पुत्र विवेक द्वारा दायर मानहानि के मामले में कांग्रेस के नेता जयराम रमेश को जमानत दे दी। अदालत ने उन्हें 20000 रुपये के सिक्योरिटी पर जमानत दी है।
अदालत ने विवेक डोभाल द्वारा दर्ज कराए गए इस मामले में सभी तीन आरोपियों के, खुद को बेकसूर बताए जाने के बाद रमेश तथा अन्य के खिलाफ मानहानि के आरोप तय किए हैं। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 27 मई तय की है।
गौरतलब है कि अदालत ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश को मानहानि मामले में 9 मई को पेश होने का निर्देश दिया था। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के बेटे विवेक डोभाल की मानहानि शिकायत पर समन जारी कर अदालत ने उन्हें 25 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया था लेकिन वह किसी कारण से नहीं आ पाए। अदालत ने अंग्रेजी पत्रिका कारवां के संपादक व लेखक को पेशी के बाद जमानत दे दी थी।
राउज एवेन्यू अदालत के एसीएमएम समर विशाल के समक्ष जयराम रमेश के वकील ने कहा कि वह व्यस्तता के कारण कोर्ट में पेश नहीं हो पा रहे थे, इसलिए उन्हें एक दिन की मोहलत दी जाए। ऐसे में अदालत ने 25 अप्रैल को पेशी से छूट दे दी लेकिन नौ मई को पेश होने का निर्देश दिया था।
पेश शिकायत के मुताबिक अंग्रेजी पत्रिका कारवां ने अपने ऑनलाइन प्लेटफार्म पर 16 जनवरी 2019 को एक लेख प्रकाशित कर कहा कि नवंबर 2016 की नोटबंदी के 13 दिन बाद विवेक डोभाल टैक्स हेवन कैमैन आइलैंड में एक कंपनी की स्थापना की और इस कंपनी ने 83 सौ करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भारत में किया।
इस लेख के प्रकाशित होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 17 जनवरी को प्रेस वार्ता आयोजित कर कई आरोप लगो और डोवाल परिवार पर कई सवाल खड़े किए। उनका आरोप था कि अजीत डोभाल शुरू से टैक्स हेवन के खिलाफ रहे हैं और उन पर कार्रवाई की वकालत करते रहे हैं लेकिन उनके बेटे ने नोटबंदी के 13 दिन बाद टैक्स हेवेन में कंपनी स्थापित कर दी।