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तिहाड़ जेल में कैदियों से मारपीट में कार्रवाई के मिले निर्देश, 47 कैदियों ने लगाया था आरोप

Fri, 01 Dec 2017 08:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 01 Dec 2017 08:48 AM IST
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in tihar jail matter investigation will be done
tihar jail

हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को तिहाड़ जेल में 47 कैदियों से मारपीट के मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह निर्देश मारपीट के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर जमाल, आतंकी शाहिद यूसुफ व दया सिंह लाहोरिया के साथ मारपीट के मामले सामने आए थे। तिहाड़ में बंद 47 कैदियों ने जेल स्टाफ पर मारपीट व प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने इस पर जेल प्रशासन को जांच करने का निर्देश दिया था। मामले में तीन याचिकाएं दायर की गईं थीं।
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जस्टिस एस. मुरलीधर व जस्टिस आईएस मेहता ने थाना हरि नगर के एसएचओ को याचिकाओं पर शिकायत के रूप में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने पुलिस को 22 जनवरी को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
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दिल्ली पुलिस के स्थायी अधिवक्ता राहुल मेहरा ने बताया कि 14 सितंबर को हुई मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी। 

याची की ओर बहस करते हुए अधिवक्ता मेहमूद प्राचा ने कहा कि एमएलसी के मुताबिक आई चोटों के मद्देनजर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। इस पर आपत्ति जताते हुए राहुल मेहरा ने कहा कि अगर हर मामले में एफआईआर की जाएगी, तो समस्या हो जाएगी।

खंडपीठ ने कहा कि संबंधित एसएचओ कानून के मुताबिक कार्रवाई करेंगे। हर मामले में एफआईआर नहीं हो सकती, लेकिन जब जांच रिपोर्ट संलग्न है तो एफआईआर करने में क्या परेशानी है। क्या सरकार एफआईआर करने से रोक सकती है। बेहतर होगा कि दिल्ली पुलिस इन याचिकाओं को शिकायत मानकर कार्रवाई करे।

क्या है पूरा मामला 

in tihar jail matter investigation will be done

तिहाड़ जेल में 47 कैदियों से 13 सितंबर को मारपीट के मामले में जमाल उर्फ रांझा की ओर से याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने इन कैदियों के इलाज करवाने का निर्देश दिया था। डॉक्टरों ने इन कैदियों के इलाज के साथ उनकी एमएलसी भी बनाई थी।

इसके बाद अक्तूबर व नवंबर में भी मारपीट के मामले सामने आए। इस मामले में हाईकोर्ट ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच का निर्देश दिया है। इसके बाद 21 नवंबर को सैयद सलाउद्दीन के बेटे शाहिद यूसुफ समेत 18 कैदियों से तिहाड़ में मारपीट की गई।

हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त अधिकारी ने जेल का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट में कहा कि इन कैदियों से बिना कारण मारपीट की गई थी। इससे पहले दया सिंह लाहौरिया के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। 

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