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बिल्डर बाबा ने महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दिया

Thu, 06 Aug 2015 04:47 PM IST
Updated Thu, 06 Aug 2015 04:47 PM IST
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In the dark of night returned underground sacchidanand

बिल्डर बाबा ने जब नोएडा में डिस्को बार खोला तो उन्हें पता चला कि यहां कितने गंदे काम होते हैं और इसके बाद ही उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया।

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एबीपी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में विवादित महामंडलेश्वर सच्चिदानंद गिरी उर्फ बिल्डर बाबा उर्फ सचित दत्ता ने माना कि बाबा बनने से पहले वह बहुत शराब पीते थे।
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सच्चिदानंद ने स्वीकार किया कि उन्होंने महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं और अगर जांच के बाद वह किसी भी गलत काम में लिप्त पाए जाते हैं ताो पद छोड़ने के लिए तैयार हैं।
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देर रात लौट आया बिल्डर से बाबा बना सच्चिदानंद

In the dark of night returned underground sacchidanand

विवादित सचिन दत्ता उर्फ महामंडलेश्वर सच्चिदानंद गिरि बुधवार देर रात सेक्टर-41 स्थित घर लौट आया,लेकिन उसने मीडिया से बात नहीं की। उसके सचिव पंकज यादव ने बताया कि अभी कुछ दिन सच्चिदानंद नोएडा में रहेगा।

ऐसे में संभावना है कि पुलिस बृहस्पतिवार को सचिन से पूछताछ भी कर सकती है। गाजियाबाद के क्रासिंग रिपब्लिक में फास्टर हाइट्स सोसायटी के निवासियों ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से ठगी की शिकायत की थी।

उनका कहना था कि सचिन के बालाजी हाईटेक ने 180 फ्लैट बनाए थे जिसमें पूरा पैसा लेने के बावजूद सिर्फ 10 लोगों की रजिस्ट्री कराई गई थी। जब भी लोग उसके पास जाते वह उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर टरका देता था।

डेढ़ साल पहले हुआ था अंडरग्राउंड

In the dark of night returned underground sacchidanand

करीब डेढ़ साल पहले सच्चिदानंद पुलिस की दबिश के बाद भूमिगत हो गया था। उसके माता-पिता नोएडा में रह रहे थे। वहीं, नोएडा सेक्टर-41 में सच्चिदानंद ने वर्ष 2002 से पहले करीब 200 वर्गमीटर का प्लॉट खरीदा था।


मकान नंबर सी-112 में वह दो बच्चों, पत्नी और माता-पिता के साथ रहता था। करीब डेढ़ साल पहले किसी विवाद के चलते पुलिस ने घर पर दबिश दी।

इसके बाद वह पत्नी और बच्चों के साथ अंडरग्राउंड हो गया। इसके बाद सेक्टर में पड़ोसियों ने उसे ज्यादा नहीं देखा। हालांकि, उसके माता-पिता छह माह पहले तक यहीं रहते थे। आरडब्ल्यूए के एक पूर्व पदाधिकारी ने बताया कि प्रापर्टी और शराब के कारोबार के चलते अक्सर वह सेक्टर में कम ही दिखाई देता था।

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