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सुदीक्षा प्रकरणः मृतका के परिजनों को क्लेम मिलने में आएगी दिक्कत, यहां फंसेगा पेंच

Sun, 16 Aug 2020 10:15 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 16 Aug 2020 10:15 PM IST
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In Sudikshan bhati case chances of getting claim less to victim family
सुदीक्षा और उसके पिता जितेंद्र भाटी - फोटो : amar ujala

सुदीक्षा प्रकरण में मृतका के परिजनों को क्लेम मिलने के संभावना काफी कम नजर आ रहे हैं। क्योंकि पुलिस की मानें तो सुदीक्षा का चचेरा भाई नाबालिग था, जबकि आरोपी बाइक सवार के पास लाइसेंस नहीं था। हालांकि, इस पूरे मामले में डीएम ने सहानुभूति जताते हुए पीड़ित परिजनों की हरसंभव मदद शासन व प्रशासन स्तर पर कराने का आश्वासन दिया है। 

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गत 10 अगस्त को सुदीक्षा की हादसे के दौरान हुई मौत के बाद से ही चीजें असमंजस की स्थिति में थी। हादसे के बाद मृतका के चचेरे भाई ने बयान दिया था कि वह बाइक चला रहा था। चूंकि वह नाबालिग भी है। वहीं, दूसरी ओर देर रात में मृतका के परिजनों ने बयान दिया कि बाइक को मृतका का चाचा चला रहा था। जबकि, चचेरा भाई व सुदीक्षा पीछे बैठे हुए थे। पुलिस ने जांच की तो सीसीटीवी फुटेज में बाइक चलाते हुए मृतका का चचेरा भाई निकला, जो कि नाबालिग है। जबकि, उसके चाचा की लोकेशन हादसे के समय सिकंदराबाद क्षेत्र में थी। चचेरा भाई बाइक चालक था और नाबालिग था। इस कारण क्लेम मिलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा आरोपी बाइक चालक का भी लर्निंग लाइसेंस था, जो कि गत तीन माह पूर्व ही खत्म हो चुका है। लेकिन, उसे पुख्ता नहीं कराया था। 
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परिजनों ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार
सुदीक्षा भाटी के पिता जितेंद्र भाटी ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने परिवार की माली हालत की जानकारी दी है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है। साथ ही चार एकड़ जमीन का पट्टा, सुदीक्षा के नाम से किसी शिक्षण संस्थान का नामकरण कराए जाने की भी मांग की है। 
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डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि मृतका के परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। साथ ही मृतका एक होनहार छात्रा थी। उसके परिवार की हरसंभव आर्थिक व अन्य स्तरों पर मदद कराई जाएगी। सरकार या गैरसरकारी माध्यम से भी मृतका के परिजनों को मदद दिलाने का जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है। 


मृतका जिस बाइक पर पीछे बैठी थी, उसे उसका नाबालिग चचेरा भाई चला रहा था। जबकि, आरोपी बाइक चालक का भी लर्निंग लाइसेंस था, जो कि तीन माह पूर्व समाप्त हो चुका है। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी

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