प्रद्युम्न जांच मामले में पुलिस आयुक्त बैकफुट पर, बताई ये बातें
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रायन इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को हुए प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में सीबीआई ने मंगलवार को 11वीं कक्षा के छात्र को गिरफ्तार किया है। छात्र को बुधवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस मामले में बृहस्पतिवार को गुरुग्राम पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने पत्रकारवार्ता का आयोजन किया। वार्ता में पुलिस आयुक्त बैकफुट पर आ गए।
8 सितंबर को गुरुग्राम पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाते हुए इस मामले में स्कूल बस कंडक्टर को आरोपी बताते हुए देर रात करीब साढ़े 10 बजे पत्रकारवार्ता भी की थी, लेकिन सीबीआई द्वारा इस मामले को नया मोड़ देने के बाद पुलिस के पास कोई जवाब नहीं बचा है। पुलिस अब आरोपी को स्थिति को देखते हुए गिरफ्तार करने की बात कह रही है।
पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने कहा कि उनकी ओर से जांच करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। मामले को हर पहलू से जांचा जा रहा था। मामले की वह अभी जांच कर ही रहे थे कि सरकार ने इस केस को सीबीआई को सौंप दिया, इससे उनकी जांच पूरी नहीं हो पाई। उन्होंने जिन सबूतों को फोरेंसिक लैब भेजा था उनकी रिपोर्ट उन्हें प्राप्त नहीं हुई है।
वारदात के दिन ही फोरेंसिक टीम ने क्राइम सीन रीक्रिएट किया था। उस दिन टॉयलेट के कमोड से उन्होंने चाकू बरामद किया था। आरोपी ने अपना गुनाह भी कबूल किया था जिसके आधार पर गुरुग्राम पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
पत्रकारों द्वारा जब छात्र द्वारा भी सीबीआई के समक्ष अपना गुनाह कबूल किया जाना स्वीकार किए जाने की बात कही तो पुलिस आयुक्त ने बात को बदलते हुए कहा कि उस वक्त के हालात को देखते हुए उसे गिरफ्तार किया गया।
जांच से पहले ही मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया ऐसे में उनकी जांच अधूरी रह गई। जो भी फेक्ट्स सामने आ रहे थे उसी आधार पर जांच की जा रही थी। इस पर जब पुलिस आयुक्त से छात्र को भी जांच में शामिल होने की बात पूछी गई तो उन्होंने एक बार फिर यही बात कह दी कि गुरुग्राम पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई थी और हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे थे।
खिरवार के इस बयान ने एक बार फिर गुरुग्राम पुलिस को सवालों के घेरे में ला दिया है। पत्रकारों ने जब पूछा कि सीबीआई ने 11वीं कक्षा के छात्र को हत्यारा मानते हुए उसे गिरफ्तार किया है तो उन्होंने स्वयं को सीबीआई की कार्रवाई से अंजान बताते हुए कुछ भी बोलने से मना कर दिया। हालांकि उन्होंने यह बात जरूरी कही कि सीबीआई ने किसी आधार पर ही गिरफ्तार किया होगा।
8 सितंबर को जब कंडक्टर अशोक को प्रद्युम्न की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था तो पुलिस ने अपनी थ्योरी बताई थी कि चाकू वह बस में से लेकर गया था और चाकू उसने आगरा से खरीदा था, लेकिन इस मामले में उस छात्र को नजरअंदाज क्यों किया गया जो सीसीटीवी कैमरे में नजर आ रहा है।
इस पर संदीप ने बहाना बनाते हुए सिर्फ यह कह दिया कि पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर ही अशोक को गिरफ्तार किया था। उनकी जांच लॉजिकली जारी थी, जिसमें हर कदम पर जरूरत के अनुसार कदम उठाए गए थे।