लॉकडाउन: बैंकों में कंप्यूटर खराब होने से रुका काम ,लोग हुए परेशान
कोरोना के कारण इस समय पूरे देश की रफ्तार थमी हुई है। सरकार गरीब लोगों के कल्याण के लिए कई कार्य कर रही है। गरीब लोगों का घर चल सके, इसके लिए सरकार ने लोगों के खाते में पैसे डाले हैं, लेकिन लोग जब बैंक में अपने पैसे लेने पहुंच रहे हैं तो उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
वजह है बैंक के खराब हुए कंप्यूटर। जिनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। पूर्वी दिल्ली की एक बैंक शाखा के कंप्यूटर मंगलवार को खराब हो गए। कंप्यूटर को ठीक कराने और नए कंप्यूटर की मांग के लिए बैंक प्रशासन ने कंप्यूटर बाजार में संपर्क किया।
लेकिन लॉकडाउन के कारण दुकाने बंद होने से कंप्यूटर ठीक न हो सके। इससे बैंक का दैनिक काम रुक गया, जो लोग बैंक में पैसे निकालने आए थे, उन्हें खाली हाथ घर जाना पड़ा। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई।
दिल्ली कंप्यूटर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से नेहरू प्लेस बाजार के व्यापारियों के पास एनसीआर के विभिन्न सरकारी दफ्तरों से कंप्यूटर के खराब हुए पूर्जों को ठीक करने और नए सामान की मांग के लिए फोन आ रहे हैं, लेकिन दुकाने बंद होने से किसी का काम नहीं हो पा रहा है।
अस्पतालों से भी हो रही परेशानी
उन्होंने बताया कि मंगलवार को उनके पास पूर्वी दिल्ली इलाके की बैंक शाखा से कंप्यूटरों को ठीक कराने के लिए फोन आया, लेकिन दुकानें बंद होने के कारण बैंक के कंप्यूटर ठीक नहीं हो सके।उन्होंने बताया कि बैंक के मैनेजर ने उनको लोगों को हो रही समस्या से अवगत कराया, लेकिन लॉकडाउन के कारण दुकाने बंद होने से वह उनकी मांग पूरी नहीं कर सके।
सरकार से दुकानों को कुछ घंटे खुलवाने की मांग
महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि वह जल्द ही पूरी एसोसिएशन की ओर से दिल्ली सरकार को एक पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली सरकार से मांग करेंगे कि नेहरू प्लेस की कुछ दुकानो को दिन में कम से कम दो घंटे के लिए खुलवाया जाए।
जिससे लोग यहां आकर कंप्यूटर का जरूरी सामान ले सकें और खराब हुई चीजों की मरम्मत करा सकें। गौरतलब है कि नेहरू प्लेस बाजार में करीब 20 हजार दुकानें हैं। यह एशिया का सबसे बड़ा कंप्यूटर बाजार है।