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साहब पीएंगे कुल्हड़ की चाय और मटके का पानी
कुलदीप सिंह राघव/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 27 Feb 2014 01:29 PM IST
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अब सरकारी कार्यालयों में साहब कुल्हड़ की चाय और मटके का पानी पीएंगे। शासन ने प्रजापति समाज के उत्थान के लिए अनोखी पहल की है।
इसके लिए प्रदेश के सभी नगर निगम और नगर पालिकाएं शहरी क्षेत्र में कुम्हारों को मुफ्त मिट्टी उपलब्ध कराएंगे। मिट्टी से निर्मित बर्तनों को सरकारी विभाग में इस्तेमाल किया जाएगा।
नगर विकास मंत्रालय ने सभी नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से यह व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि एक मई 2012 को अमेठी के विधायक गायत्री प्रसाद प्रजापति ने मुख्यमंत्री से कुम्हारी कला को बढ़ावा देने और पट्टे जारी करने की मांग की थी।
शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर विकास मंत्रालय को निर्देशित किया है। नगर विकास के निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह ने सभी नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को पत्र लिखकर प्रजापति समाज के उत्थान के लिए शहरी क्षेत्र में मुफ्त मिट्टी उपलब्ध कराने और कुम्हारी कला के लिए पट्टे जारी करने के निर्देश दिए हैं।
शासन ने यह भी साफ किया है कि सभी सरकारी विभागों में मिट्टी से बने बर्तनों का ही इस्तेमाल किया जाएगा।
सुधरेगी आर्थिक हालत
प्रदेश शासन की इस योजना के लागू होने पर प्रदेश के लाखों कुम्हारों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश में कुम्हारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
नहीं होगा प्लास्टिक का प्रदूषण
चाय और पानी के लिए प्लास्टिक के गिलासों के इस्तेमाल से प्रदूषण बढ़ता है। मिट्टी के बर्तनों का सरकारी स्तर पर उपयोग बढ़ने से प्रदूषण कंट्रोल होगा।
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इसके लिए प्रदेश के सभी नगर निगम और नगर पालिकाएं शहरी क्षेत्र में कुम्हारों को मुफ्त मिट्टी उपलब्ध कराएंगे। मिट्टी से निर्मित बर्तनों को सरकारी विभाग में इस्तेमाल किया जाएगा।
नगर विकास मंत्रालय ने सभी नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से यह व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि एक मई 2012 को अमेठी के विधायक गायत्री प्रसाद प्रजापति ने मुख्यमंत्री से कुम्हारी कला को बढ़ावा देने और पट्टे जारी करने की मांग की थी।
शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर विकास मंत्रालय को निर्देशित किया है। नगर विकास के निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह ने सभी नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को पत्र लिखकर प्रजापति समाज के उत्थान के लिए शहरी क्षेत्र में मुफ्त मिट्टी उपलब्ध कराने और कुम्हारी कला के लिए पट्टे जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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शासन ने यह भी साफ किया है कि सभी सरकारी विभागों में मिट्टी से बने बर्तनों का ही इस्तेमाल किया जाएगा।
सुधरेगी आर्थिक हालत
प्रदेश शासन की इस योजना के लागू होने पर प्रदेश के लाखों कुम्हारों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश में कुम्हारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
नहीं होगा प्लास्टिक का प्रदूषण
चाय और पानी के लिए प्लास्टिक के गिलासों के इस्तेमाल से प्रदूषण बढ़ता है। मिट्टी के बर्तनों का सरकारी स्तर पर उपयोग बढ़ने से प्रदूषण कंट्रोल होगा।