FORTIS अस्पताल: अभी और गिरेगी गाज, अब मेडिकल काउंसिल करेगा कार्रवाई
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डेंगू से सात वर्षीय आद्या की मौत और अधिक बिल वसूलने के मामले में फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ सरकार का रवैया सख्त होता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई करने को कहा है।
इसके साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को भी पत्र भेजा गया है। विभाग ने अपने पत्र में कहा कि आद्या मामले में हरियाणा सरकार द्वारा अतिरिक्त स्वास्थ्य महानिदेशक की अगुवाई में गठित कमेटी ने पाया है कि जेनेरिक दवाओं की जगह महंगी दवाओं का इस्तेमाल किया गया है।
कई खामियों की तरफ ध्यान दिलाते हुए पूरी रिपोर्ट मेडिकल काउंसिल को भेजी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल ने आद्या के पिता जयंत ने 700 फीसदी अधिक रकम वसूली है। बता दें कि द्वारका दिल्ली के रहने वाले आद्या को 31 सितंबर को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 14 सितंबर को मौत हो गई थी।
सरकार की 51 पन्नों की जांच रिपोर्ट में अस्पताल को लापरवाही, अनैतिक और गैरकानूनी कृत्यों का दोषी पाया है। इतना ही नहीं बच्ची को दी गई दवाओं पर 108 प्रतिशत मुनाफा कमाया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल ने जानबूझकर जेनेरिक और सस्ती दवाइयों की बजाय महंगी दवाओं का इस्तेमाल किया गया। अस्पताल ने बच्ची के परिवार को 717 प्रतिशत ज्यादा का बिल दिया।
इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक ने कार्रवाई करके उनके दफ्तर को सूचित करने को कहा है। हालांकि अस्पताल प्रवक्ता का कहना है कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है। पत्र मिलने के बाद ही जवाब देंगे।