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फरवरी में फिर कड़ाके की ठंड
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 28 Jan 2016 12:36 AM IST
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10 दिन की भीषण सर्दी के बाद बुधवार से मौसम का मिजाज बदल गया। कोहरे और पाले में कमी आने के साथ ही दिन में अच्छी धूप खिली। इसके चलते दिन में लोगों को पसीना-पसीना होना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, अब फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में फिर तापमान में गिरावट आएगी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. रंजीत सिंह ने बताया कि जल्द ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ आने वाला है, जो मौसम में बदलाव लेकर आएगा। यह विक्षोभ बृहस्पतिवार तक पहाड़ों पर पहुंच कर ठंड में बढ़ोतरी करेगा।
वहीं, मैदानी इलाकों में इसके 29-30 तारीख को पहुंचने का अनुमान है। इससे पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी। मैदानी इलाकों में शुक्रवार-शनिवार को कुछ जगहों पर हल्की बारिश होगी और कहीं-कहीं बादल छाए रहेंगे। इससे फरवरी के पहले हफ्ते में ठंड बढ़ने की उम्मीद है।
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मकर संक्रांति के बाद इस बार एकाएक भीषण सर्दी पड़नी शुरू हो गई। 16 जनवरी से दिल्ली-एनसीआर में तापमान पांच डिग्री तक गिर गया और कोहरे-पाले के साथ ही तेज बर्फीली हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़ों में लिपटने पर मजबूर कर दिया। एनसीआर में 26 जनवरी को भी कोहरे और कंपकंपाती सर्दी का सामना करना पड़ा।
बुधवार 27 जनवरी से तापमान से बढ़ोतरी हो गई। तापमान 22/09 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही दिनभर तेज धूप रही। हवाओं के बंद होने से लोगों ने धूप का आनंद मिला, वहीं गर्म कपड़े उतारने पर मजबूर हो गए।
मौसम वैज्ञानिक डा. विवेकराज सिंह के अनुसार 31 जनवरी तक दिन में सर्दी का सामना नहीं करना पड़ेगा। दोपहर में तापमान ज्यादा रहने के कारण लोगों को पसीना-पसीना होना पड़ेगा।
अब 30 जनवरी को ईरान की ओर से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से एक बार फिर तापमान में गिरावट आएगी। दिल्ली-एनसीआर में इसका असर एक फरवरी से आएगा। इसके चलते फरवरी के पहले सप्ताह में लोगों को भीषण सर्दी का सामना करना पड़ेगा।
स्वाइन फ्लू का खतरा बरकरार
स्वाइन फ्लू के दो मामलों के अलावा अभी तक कोई नया केस नजर नहीं आया है। इसके बावजूद भी चिकित्सक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि स्वाइन फ्लू का खतरा मार्च तक बना रहेगा। स्वास्थ्य विभाग में स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
एमएमजी स्थित संक्रामक रोग विभाग में इक्का-दुक्का सैंपल ही जांच के लिए आ रहे हैं। सीएचसी-पीएचसी पर भी सैंपल कलेक्शन की सुविधा शुरू हो गई है।
साथ ही अगर केज अधिक आने लगे तो अरबन हेल्थ पोस्ट पर भी सैंपल लेने की योजना है। डीएमओ जीके मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू की दवाएं आदि भी सीएचसी-पीचएसी पर भेज दी हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार, अब फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में फिर तापमान में गिरावट आएगी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. रंजीत सिंह ने बताया कि जल्द ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ आने वाला है, जो मौसम में बदलाव लेकर आएगा। यह विक्षोभ बृहस्पतिवार तक पहाड़ों पर पहुंच कर ठंड में बढ़ोतरी करेगा।
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वहीं, मैदानी इलाकों में इसके 29-30 तारीख को पहुंचने का अनुमान है। इससे पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी। मैदानी इलाकों में शुक्रवार-शनिवार को कुछ जगहों पर हल्की बारिश होगी और कहीं-कहीं बादल छाए रहेंगे। इससे फरवरी के पहले हफ्ते में ठंड बढ़ने की उम्मीद है।
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मकर संक्रांति के बाद इस बार एकाएक भीषण सर्दी पड़नी शुरू हो गई। 16 जनवरी से दिल्ली-एनसीआर में तापमान पांच डिग्री तक गिर गया और कोहरे-पाले के साथ ही तेज बर्फीली हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़ों में लिपटने पर मजबूर कर दिया। एनसीआर में 26 जनवरी को भी कोहरे और कंपकंपाती सर्दी का सामना करना पड़ा।
बुधवार 27 जनवरी से तापमान से बढ़ोतरी हो गई। तापमान 22/09 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही दिनभर तेज धूप रही। हवाओं के बंद होने से लोगों ने धूप का आनंद मिला, वहीं गर्म कपड़े उतारने पर मजबूर हो गए।
मौसम वैज्ञानिक डा. विवेकराज सिंह के अनुसार 31 जनवरी तक दिन में सर्दी का सामना नहीं करना पड़ेगा। दोपहर में तापमान ज्यादा रहने के कारण लोगों को पसीना-पसीना होना पड़ेगा।
अब 30 जनवरी को ईरान की ओर से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से एक बार फिर तापमान में गिरावट आएगी। दिल्ली-एनसीआर में इसका असर एक फरवरी से आएगा। इसके चलते फरवरी के पहले सप्ताह में लोगों को भीषण सर्दी का सामना करना पड़ेगा।
स्वाइन फ्लू का खतरा बरकरार
स्वाइन फ्लू के दो मामलों के अलावा अभी तक कोई नया केस नजर नहीं आया है। इसके बावजूद भी चिकित्सक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि स्वाइन फ्लू का खतरा मार्च तक बना रहेगा। स्वास्थ्य विभाग में स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
एमएमजी स्थित संक्रामक रोग विभाग में इक्का-दुक्का सैंपल ही जांच के लिए आ रहे हैं। सीएचसी-पीएचसी पर भी सैंपल कलेक्शन की सुविधा शुरू हो गई है।
साथ ही अगर केज अधिक आने लगे तो अरबन हेल्थ पोस्ट पर भी सैंपल लेने की योजना है। डीएमओ जीके मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू की दवाएं आदि भी सीएचसी-पीचएसी पर भेज दी हैं।