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अब दिल्ली में तेजी से होगी आवारा कुत्तों की नसबंदी

Sun, 12 Jul 2015 08:11 AM IST
Updated Sun, 12 Jul 2015 08:11 AM IST
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In Delhi now fast sterilization will for stray dogs.

उत्तरी दिल्ली में आवारा कुत्तों के हुड़दंग को रोकने और उनकी संख्या पर नियंत्रण करने के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम नए सिरे से अभियान शुरू करने जा रही है।

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इस सिलसिले में उसने नसबंदी करने की राशि में बढ़ोत्तरी की है। इसके अलावा नसबंदी का कार्य एक एनजीओ को दिया है। नगर निगम के विभाजन के बाद से कुत्तों की नसबंदी का कार्य करीब-करीब ठप पड़ा हुआ है।
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण करने और उनका हुड़दंग रोकने के लिए टेंडर किए है। इसके अलावा उसने कुत्तों की नसबंदी करने की राशि भी बढ़ाई है।
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एक कुत्ते की नसबंदी के लिए 760 रुपए

In Delhi now fast sterilization will for stray dogs.

अब वह एक कुत्ते की नसबंदी करने पर अब 600 रुपये के बजाय 760 रुपये देगी। इस बार यह कार्य कई संस्थाओं के बजाय केवल एक संस्था को ही सौंपा है। इस संबंध में समस्त औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।

कुत्तों पर नियंत्रण में नगर निगम है खाली हाथ-
नगर निगम के पास आवारा कुत्ते पकड़ने औरउनकी नसबंदी करने की कोई व्यवस्था नहीं है। उसके पास न तो कुत्ते पकड़ने के लिए कर्मचारी हैं और न ही उनको ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध है।

इसके अलावा नसबंदी करने की भी कोई सुविधा नहीं है। इस कारण ही उसने टेंडर करके कुत्तों की नसबंदी कराने का कार्य शुरू किया है। कानूनी प्रतिबंध के चलते वह केवल कुत्तों की नसबंदी कर सकती है या फिर करा सकती है।

इतना ही नहीं, नसबंदी के बाद कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़नेे का प्र्रावधान है जहां से उनको उठाया जाएगा।

राजधानी में कुत्तों की संख्या आठ लाख

In Delhi now fast sterilization will for stray dogs.

नगर निगम ने केंद्र सरकार के निर्देश पर 2002 में आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी करने का अभियान शुरू किया था। इस सिलसिले में नगर निगम की ओर से प्रतिवर्ष बजट का पूरा प्रावधान किया जाता है।

मगर अभियान सुचारू रूप से नहीं चलने के चलते बजट पूरा खर्च नहीं हो पा रहा है। नगर निगम ने कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने का जिम्मा नौ गैर सरकारी संस्थाओं को सौंपा था।

राजधानी में कुत्तों की संख्या कम होने के बजाय निरंतर बढ़ रही है। स्वयं नगर निगम मानती है कि नसबंदी अभियान शुरू होने के बाद कुत्तों की संख्या दोगुना से अधिक हो गई है। पिछले दिनों कराए गए सर्वे के अनुसार राजधानी में करीब आठ लाख कुत्ते हैं।

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