फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   in aarushi murdercase nupur talwar and rajesh talwar got bail from high court

आरुषि हत्याकांड : कोर्ट ने केस में साक्ष्यों की कड़ियों को कमजोर बता कर तलवार दंपति को किया बरी

Thu, 12 Oct 2017 07:34 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/ अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 12 Oct 2017 07:34 PM IST
विज्ञापन
in aarushi murdercase nupur talwar and rajesh talwar got bail from high court
demo pic

नोएडा के चर्चित आरुषि तलवार- हेमराज हत्याकांड में हाईकोर्ट ने डॉ. राजेश और नूपुर तलवार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर टिके इस केस में साक्ष्यों की कड़ियां इतनी मजबूत नहीं हैं कि उनके आधार पर दंपति को दोषी ठहराया जा सके। वह संदेह का लाभ पाने के हकदार हैं।

विज्ञापन


राजेश और नूपुर तलवार को विशेष सीबीआई अदालत गाजियाबाद ने हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। डा. राजेश और नुपुर तलवार ने सजा के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अलग-अलग अपीलें दाखिल की थीं।

विज्ञापन

 

न्यायमूर्ति बालाकृष्ण नारायण और न्यायमूर्ति अरविंद मिश्र प्रथम की पीठ ने सीबीआई कोर्ट की उस अवधारणा को खंडित कर दिया कि घटना की रात हत्याकांड वाले फ्लैट में तलवार दंपति ही मौजूद थे और बाहर से किसी तीसरे व्यक्ति के आने की संभावना नहीं है लिहाजा हत्या उन्हीं दोनों ने की है।

विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि घटना की रात फ्लैट में किसी तीसरे व्यक्ति के आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। सीबीआई के पास अपनी कहानी साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। घटनाओं की तारतम्यता इतनी पुख्ता नहीं है कि उसके आधार पर तलवार दंपति को दोषी ठहराया जा सके। संदेह का लाभ देने के लिहाज से यह एकदम सही केस है।

14 मई 2008 को आरुषि अपने कमरे में मृत पाई गई थी

in aarushi murdercase nupur talwar and rajesh talwar got bail from high court
arushi murder case

उल्लेखनीय है कि नोएडा के सेक्टर 25 में रहने वाले डॉ. राजेश तलवार की 14 वर्षीय बेटी आरुषि तलवार 14 मई 2008 को अपने कमरे में मृत पाई गई। इसके दो दिन बाद उनके घरेलू नौकर नेपाल के हेमराज का शव उसी फ्लैट के टेरेस पर पाया गया। पुलिस ने शुरूआत जांच में आरुषि के माता-पिता डॉ. राजेश तलवार और नुपुर तलवार को हत्या का दोषी माना।

 

23 मई 2008 को पुलिस ने डॉ. राजेश तलवार को गिरफ्तार कर लिया। मगर 29 मई 2008 को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने जांच के बाद पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के आधार पर क्लोजर रिपोर्ट लगा दी।

 

सीबीआई कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज करते हुए कहा कि केस चलाने केलिए पर्याप्त परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं। नौ फरवरी 2011 को कोर्ट ने तलवार दंपति पर आरोप तय किया और 18 महीने चली सुनवाई के बाद 26 नवंबर 2013 को दंपति को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed